अमृतसर: विजीलैंस ब्यूरो (वी.बी.) द्वारा रिश्वत के मामले में गिरफ्तार अमृतसर छहर्टा निवासी आर.टी.आई. कार्यकर्त्ता सुरेश कुमार शर्मा का तीन दिन का रिमांड मिला है। आरोपी के खिलाफ आर.टी.आई. आवेदन दायर करके एन.ओ.सी. प्राप्त करने के इच्छुक लोगों से पैसे ऐंठने का आरोप हैं, वहीं पीड़ित लोगों से रकम वसूलने के उपरांत आरोपी सुरेश शर्मा नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से शिकायत वापिस ले लेता था। वी.बी. के मुताबिक आरोपी शर्मा इसके साथ-साथ एम.टी.पी. अधिकारियों के एजैंट के रूप में भी काम कर रहा था।
विजीलैंस ब्यूरो को शिकायतकर्त्ता ने बताया कि उसने रेलवे लिंक रोड, अमृतसर में एक दुकान का निर्माण किया था और एम.टी.पी. शाखा, अमृतसर नगर-निगम से एक मंज़िल के लिए मंजूरी प्राप्त की थी। इसके साथ में वह दूसरी मंजिल बनना चाहता था। अतिरिक्त निर्माण के लिए उसने एमटीपी अधिकारियों से संपर्क किया, जिन्होंने उसे एक संशोधित नक्शा जमा करने की सलाह दी। घटनाक्रम ने मोड़ तब लिया जब ए.टी.पी. परमिंदर सिंह ने इस नक्शे को 2 बार यह कहकर खारिज कर दिया कि उक्त आरोपी सुरेश कुमार शर्मा ने उनके प्रोजैक्ट के खिलाफ अलग-अलग नामों से आर.टी.आई. आवेदन दायर किया था।
ए.टी.पी. ने शिकायतकर्त्ता को मशवरा दिया कि अगर वह अपनी फाइल पास करवाना चाहता है तो सुरेश शर्मा से डील कर ले। इसके उपरांत 7 लाख की मांग के बीच शर्मा से चार लाख में सौदा तय हुआ, जिस पर विजीलैंस ने आरोपी शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि अदालत में पेश करने के बाद न्यायाधीश ने उसका तीन दिन का रिमांड दिया है।
















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