भोपाल। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) द्वारा गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर मन्नीवन्नन मुरूगेशन के थाईलैंड प्रत्यर्पण को Patiala House Court ने स्वीकृति दे दी है। केंद्र सरकार से अंतिम अनुमति मिलने के बाद उसे थाईलैंड भेजा जाएगा।
एसटीएसएफ ने मुरूगेशन को 30 जनवरी 2018 को चेन्नई से प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश लाया था। सागर की विशेष अदालत ने उसे सात वर्ष की सजा सुनाई थी, लेकिन अपील पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने उसे दोषमुक्त कर दिया। फिलहाल यह मामला जबलपुर हाई कोर्ट में लंबित है।
एसटीएसएफ ने 23 से 25 जुलाई 2018 के दौरान ढाका (बांग्लादेश) में कछुओं एवं जलीय वन्यजीवों की तस्करी रोकने को आयोजित अंतरराष्ट्रीय बैठक में मुरूगेशन से जुड़े दस्तावेज साझा किए थे। इसके बाद Interpol ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया। उसका पासपोर्ट इम्पाउंड कराया गया। प्रत्यर्पण की पुष्टि के बाद मुरूगेशन को गिरफ्तार कर Tihar Jail में निरुद्ध किया गया। उसके खिलाफ थाईलैंड में भी वन्यजीवों के अवैध व्यापार का प्रकरण दर्ज है।
थाईलैंड सरकार ने किया था प्रत्यर्पण का अनुरोध
थाईलैंड से प्राप्त प्रत्यर्पण अनुरोध पर गृह मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय ने पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली में प्रकरण दर्ज कराया। वहां से जारी वारंट की तामिली कराते हुए मप्र एसटीएसएफ ने आरोपित को अक्टूबर 2021 में न्यायालय में पेश किया। साथ ही विदेश मंत्रालय के अधिवक्ता को दस्तावेज सौंपकर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रारंभ कराई गई। न्यायालय ने छह जनवरी 2026 को मुरूगेशन को थाईलैंड प्रत्यर्पित किए जाने की अनुमति का आदेश पारित किया।
मुरूगेशन का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
सिंगापुर निवासी मुरूगेशन का नाम दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी में दुनिया में तीसरे नंबर पर माना जाता था। उसने सिंगापुर, भारत, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक नेटवर्क फैला रखा था। वर्ष 2012 में उसे लगभग 900 दुर्लभ कछुओं के साथ बैंकाक एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था, लेकिन गैरकानूनी तरीके से वह छूटने में सफल रहा।
















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