इंदौर। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (अपराध) के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय, गृह मंत्रालय (I4C) और NCRP पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर IDFC FIRST बैंक (शाखा क्लॉथ मार्केट, इंदौर) के संदिग्ध म्यूल खाते की जांच की गई। जांच के दौरान यह खाता इंदौर निवासी 21 वर्षीय आरोपी कुशाल सिंह सिसोदिया के नाम पाया गया। अब तक की जांच में इस खाते से लगभग 5 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन और वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।
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साइबर क्राइम पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार, इस म्यूल खाते का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश के देवरिया (थाना सलेमपुर) और लखनऊ पश्चिम (थाना ठाकुरगंज) में दर्ज साइबर अपराधों (Layer-1) से पाया गया है। संगठित साइबर अपराध और अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी प्रमाणित होने पर क्राइम ब्रांच इंदौर में आरोपी कुशाल सिंह सिसोदिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 0175/2026 और धारा 318(4) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान में जुटी हुई है।







