यातायात प्रबंधन पुलिस, महानगर इंदौर द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज यातायात प्रबंधन थाना जोन-2 की टीम द्वारा MR-11 स्थित महिंद्रा वर्कशॉप में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यशाला में मौजूद 150 से अधिक मैकेनिकों को यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन चालन एवं सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में यातायात थाना प्रभारी जोन 2 योगेश मिश्रा, निरीक्षक विजेंद्र मुजाल्दे और सूबेदार अमित कुमार यादव ने विशेष रूप से शिरकत की।
🩺 “वाहन के पुर्जे बदले जा सकते हैं, लेकिन इंसान के नहीं”: सूबेदार अमित कुमार यादव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूबेदार अमित कुमार यादव ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मैकेनिक वे विशेषज्ञ हैं जो दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन को भी सुधारकर दोबारा सड़क पर चलने योग्य बना देते हैं। वे एक तरह से ‘वाहनों के डॉक्टर’ हैं, लेकिन इंसान के शरीर के संवेदनशील अंगों को गंभीर चोट पहुंचने पर उनकी भरपाई करना संभव नहीं है। छोटी-सी लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी किसी भी व्यक्ति के जीवन पर भारी पड़ सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी और दूसरों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह जिम्मेदार बनना चाहिए।
👨👩👧 “घर पर आपका परिवार इंतजार कर रहा है”: निरीक्षक योगेश मिश्रा की अपील
निरीक्षक योगेश मिश्रा ने मैकेनिकों को बुनियादी यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सड़क पर हमेशा नियंत्रित गति से, संयमित और अनुशासित तरीके से वाहन चलाना चाहिए। वाहन चलाते समय हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि घर पर परिवार के लोग आपका इंतजार कर रहे हैं। आपकी सुरक्षित यात्रा ही आपके परिवार की खुशियों की असली सुरक्षा है। वहीं, निरीक्षक विजेंद्र मुजाल्दे ने लेन डिसिप्लिन (Lane Discipline) का पालन करने और लेफ्ट टर्न पर अन्य चालकों के लिए बाधा उत्पन्न न करने की समझाइश दी।
🪖 संस्थान ने की पहल: सभी मैकेनिकों को शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे हेलमेट
कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से राघव बेस (रघु) और सर्विस जनरल मैनेजर आगत सारस्वत ने यातायात पुलिस की इस सकारात्मक पहल के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान निरीक्षक योगेश मिश्रा के आह्वान पर संस्थान ने आश्वासन दिया कि कार्यशाला में कार्यरत सभी मैकेनिकों को शीघ्र ही हेलमेट उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे हमेशा हेलमेट पहनकर सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित हो सकें। यातायात पुलिस का यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकने और लोगों में यातायात अनुशासन की आदत विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम है।







