मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। अवैध शराब तस्करी के खिलाफ रात में घेराबंदी कर कार्रवाई करने निकले खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से शहादत हो गई। चेकिंग के दौरान शराब से भरे बेकाबू आयशर ट्रक को रोकने का प्रयास करते समय चालक ने वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे ट्रक का पिछला पहिया टीआई के ऊपर से गुजर गया। इस भयानक हादसे में कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई।
🚨 हरदा-नेमावर हाईवे पर घेराबंदी: ढाबे पर चेकिंग के दौरान चालक ने की झूमाझटकी
घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी के अनुसार, देर रात देवास एसपी आदित्य मिश्रा को गुप्त सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से लदा एक आयशर ट्रक (क्रमांक MP 43 H 4786) गुजरात की तरफ जा रहा है:
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पांच पुलिस टीमों का अलर्ट: एसपी के निर्देश पर कन्नौद, सतवास, नेमावर और खातेगांव पुलिस की संयुक्त टीमें गठित कर हरदा-नेमावर हाईवे पर नाकेबंदी की गई।
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ढाबे पर कार्रवाई: इसी दौरान ट्रक चालक चाय-पानी के लिए एक ढाबे पर रुका। सूचना मिलते ही खातेगांव टीआई दिलीप पुरी पूरी टीम के साथ चालक को पकड़ने पहुंचे और उसे नीचे उतरने का निर्देश दिया।
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भागने की कोशिश में हादसा: चालक ने पुलिस को देखते ही गाड़ी लेकर भागने का प्रयास किया, जिससे झूमाझटकी हुई और टीआई दिलीप पुरी असंतुलित होकर नीचे गिर गए। ट्रक का पिछला भारी पहिया उनके ऊपर चढ़ गया और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
📦 298 पेटी बिना क्यूआर कोड की अवैध शराब जब्त, खरगोन और हरदा से जुड़े तार
घटना के तुरंत बाद पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयशर वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया:
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अवैध माल का खुलासा: जब्त ट्रक से करीब 298 पेटी शराब बरामद की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह शराब खरगोन ले जाई जा रही थी, जो पूरी तरह गैर-कानूनी थी। माल पर कोई क्यूआर (QR) कोड भी नहीं लगा था और पार्टीशन के जरिए इसे गुप्त रूप से ले जाया जा रहा था।
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नेटवर्क की तफ्तीश: पुलिस सूत्रों के अनुसार, शराब तस्करी के तार हरदा और खरगोन के बड़े ठेकेदारों तथा स्थानीय तस्करों के सिंडिकेट से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। देवास पुलिस की विशेष टीमें अब इस पूरे नेटवर्क और इसके मुख्य आकाओं की गहन तफ्तीश कर रही हैं।
👮♂️ 2007 बैच के जांबाज अधिकारी थे दिलीप पुरी, धार के बरमंडल में होगा अंतिम संस्कार
दिलीप पुरी की शहादत से संपूर्ण मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है:
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सेवाकाल: दिलीप पूरी वर्ष 2007 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे। वे इससे पहले इंदौर के चर्चित हीरानगर और चंदन नगर थानों में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। करीब दो महीने पहले ही उन्हें खातेगांव थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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पैतृक गांव में अंतिम विदाई: वे मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के रहने वाले थे, जबकि उनका परिवार इंदौर में निवास करता है। पार्थिव शरीर को देवास जिला अस्पताल में पुलिस गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव बरमंडल ले जाया जाएगा।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी आदित्य मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। ऑन-ड्यूटी एक निडर अधिकारी की इस तरह हुई शहादत के बाद पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस अवैध तस्करी नेटवर्क के पीछे शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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