मकान📄 पति के निधन के बाद AWAAS Plus पोर्टल पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी, फिर भी पीएम आवास की राशि का इंतज़ार।📋 PMAY-G 2025-26 की स्वीकृत सूची में नाम दर्ज, फिर भी नहीं मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि।सीएम हेल्पलाइ
सीएम हेल्पलाइन
सीएम हेल्पलाइनदेवास जनसुनवाई में आवेदन 14.7.2026
📍 नेवरी पंचायत | हाटपिपलिया
✍️ भावेश नाहर
🟥 नेवरी पंचायत की लेटलतीफी या प्रशासनिक लापरवाही? पात्र विधवा-दिव्यांग महिला आज भी पीएम आवास से वंचित
सरकार “हर गरीब को पक्का मकान” देने का दावा करती है, लेकिन देवास जिले की नेवरी पंचायत से सामने आया यह मामला सरकारी दावों की हकीकत बयां कर रहा है।
ये तस्वीरें किसी फिल्म का सेट नहीं, बल्कि 55 वर्षीय विधवा एवं दिव्यांग महिला श्रीमती सीमाबाई के घर की हैं। टूटी हुई दीवारें, जर्जर छत, कच्चा मकान और अभावों के बीच गुजरता जीवन… यही उनकी सच्चाई है। बरसात के इस मौसम में हर पल हादसे का खतरा बना हुआ है, लेकिन आज तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका।
मामला श्रीमती सीमाबाई, पत्नी स्वर्गीय बद्रीलाल का है। उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों के अनुसार वह प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्र हितग्राही हैं। उनका AWAAS Plus ID – 114123554 जारी हो चुका है तथा PMAY-G वर्ष 2025-26 की पात्र सूची में भी उनका नाम दर्ज है। इसके बावजूद आज तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की एक भी किश्त प्राप्त नहीं हुई।
करीब तीन महीने पहले पति के निधन के बाद सीमाबाई पूरी तरह बेसहारा हो गई हैं। वह विधवा होने के साथ-साथ दिव्यांग भी हैं। उनके पास न कोई सहारा है और न ही आय का कोई स्थायी साधन। आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना ही उनके लिए सम्मान के साथ जीवन जीने और सिर पर पक्की छत पाने की आखिरी उम्मीद है।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार पति के निधन के बाद नेवरी पंचायत द्वारा आवश्यक संशोधन कर जनपद पंचायत बागली को पत्र भेजा गया, ताकि योजना का लाभ सीमाबाई के नाम से जारी किया जा सके। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
इतना ही नहीं, पति के निधन के बाद मिलने वाली संबल योजना की सहायता के लिए भी सीमाबाई ने सीएम हेल्पलाइन-181 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का निराकरण तो हुआ, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
अब लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद सीमाबाई ने देवास कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ शीघ्र दिलाया जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पात्र सूची में नाम दर्ज है, AWAAS Plus ID जारी है, पंचायत से पत्राचार हो चुका है और कलेक्टर तक आवेदन पहुंच चुका है, तो आखिर इस गरीब विधवा एवं दिव्यांग महिला का प्रधानमंत्री आवास किस स्तर पर अटका हुआ है?
क्या यह नेवरी पंचायत की लेटलतीफी है, प्रशासनिक स्तर की देरी है या फिर सरकारी व्यवस्था की उदासीनता? इसका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा।
अब निगाहें देवास जिला प्रशासन पर हैं। उम्मीद है कि इस मामले की जल्द निष्पक्ष जांच होगी और श्रीमती सीमाबाई को उनका वैधानिक अधिकार मिलेगा।
यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की परीक्षा है जो हर गरीब को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देने का दावा करती है।
📢 अगर आपको लगता है कि एक गरीब, विधवा एवं दिव्यांग महिला को उसका अधिकार मिलना चाहिए, तो इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि उसकी आवाज़ जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचे।