बुरहानपुर। लालबाग मार्ग स्थित हकीमी अस्पताल में बुधवार सुबह अस्पताल के संचालक डा. जैनुद्दीन बोहरा और जैनाबाद निवासी नागेश चौहान के बीच हुए खूनी संघर्ष में नागेश की मौत हो गई। इस दौरान चाकू लगने से डा. बोहरा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
उनके शरीर में तीन से चार घाव हैं। उन्हें पुलिस ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे नागेश घर से ट्रैक्टर लेकर खेत जाने के लिए निकला था। आधे रास्ते में ट्रैक्टर खड़ा कर अचानक हकीमी अस्पताल पहुंच गया।
जहां किसी बात को लेकर बोहरा से विवाद हो गया और संघर्ष के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे गए और तोड़फोड़ का प्रयास किया।
मौके पर पहुंचे सीएसपी गौरव पाटिल ने भीड़ को अस्पताल से बाहर खदेड़ा। भीड़ ने घायल डा. जैनुद्दीन बोहरा को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस को भी रोकने का प्रयास किया।
करीब दो घंटे तक ग्रामीण और स्वजन अस्पताल के सामने डटे रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देवेंद्र पाटीदार भी घटना स्थल पर पहुंचे। खरगोन से आई फारेंसिक की टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
पोस्टमार्टम में मृतक नागेश के सीने में धारदार हथियार से दो घाव पाए गए हैं। ज्ञात हो कि घटना स्थल से एक देसी कट्टा भी बरामद किया गया है।
जिसके कारण शुरूआत में नागेश की गोली मारकर हत्या करने की बात कही जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फिल्हाल मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
जहां पत्नी को खोया वहीं गंवाई जान
- उल्लेखनीय है कि मृतक नागेश चौहान की पत्नी वैष्णवी की मौत भी गत 11 नवंबर को हकीमी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान हुई थी। स्वजन की शिकायत पर जिला प्रशासन ने अस्पताल की जांच कराई थी।
- जिसमें गंभीर खामियां पाई गई थीं। जिसके बाद सीएमएचओ ने हकीमी अस्पताल का लाइसेंस और पंजीयन रद कर दिया था। अब उसी अस्पताल में वैष्णवी के पति नागेश की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई है।
- जिससे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हैं।
- बता दें कि हकीमी अस्पताल के संचालक जैनुद्दीन बोहरा जिला अस्पताल के सेवानिवृत्त सिविल सर्जन हैं। उनकी बहू डा. रेहाना बोहरा भी जिला अस्पताल में प्रसूति रोग विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ हैं।







