शाजापुर में संभागीय कराटे प्रतियोगिता विवादों में, रात 12 बजे खिलाड़ियों ने लगाए ‘चीटिंग-चीटर’ के नारे
चयन प्रक्रिया में धांधली के आरोप, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर उठे सवाल; देवास के खिलाड़ी ने चांटा मारने का लगाया आरोप
शाजापुर। स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय में शुक्रवार को आयोजित संभागीय कराटे प्रतियोगिता विवादों में घिर गई। उज्जैन संभाग के सात जिलों से पहुंचे 300 से ज्यादा खिलाड़ियों, कोचों और अभिभावकों ने प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। देर रात करीब 12 बजे खिलाड़ियों ने नारेबाजी करते हुए चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के विरोध में ‘चीटिंग-चीटर’ के नारे लगाए।

सुबह 9 बजे शुरू होने वाली प्रतियोगिता रात 12 बजे तक चली
प्रतियोगिता सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, लेकिन विवादों और देरी के कारण यह रात करीब 12 बजे तक चलती रही। खिलाड़ियों का आरोप है कि कोचों और आयोजकों के बीच बार-बार विवाद हुआ। प्रतियोगिता में देरी के कारण 50 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले सके, ऐसा दावा किया गया है।
चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
कोचों और खिलाड़ियों ने चयन समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि समिति में भोपाल के निर्णायकों को शामिल किया गया, जबकि उज्जैन संभाग के योग्य कोचों को जगह नहीं दी गई। खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया में कथित चीटिंग का आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठाई।

सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी के आरोप
प्रतियोगिता में छात्राओं की सुरक्षा, ठहरने और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें भी सामने आईं। देर रात तक प्रतियोगिता चलने से दूर-दराज से आए खिलाड़ियों की वापसी को लेकर भी चिंता जताई गई।
आयोजन के दौरान पुलिस, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं होने के आरोप भी लगाए गए। इन व्यवस्थाओं को लेकर शिक्षा विभाग और आयोजनकर्ताओं की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं।

देवास के खिलाड़ी ध्रुव गवली ने लगाया चांटा मारने का आरोप
विवाद के बीच देवास के खिलाड़ी ध्रुव गवली ने आरोप लगाया कि प्रतियोगिता के दौरान उनके साथ चीटिंग की गई। उन्होंने कहा कि विरोध करने पर उन्हें चांटा मारकर डराया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
जांच और जवाब का इंतजार
संभागीय स्तर की इस प्रतियोगिता में सामने आए आरोपों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता, खिलाड़ियों की सुरक्षा और आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन शिकायतों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और खिलाड़ियों के आरोपों पर क्या जवाब सामने आता है।






