खंडवा। अगर आपके घर भी नालियों से गुजरती हुई पाइप लाइनों से पीने का पानी आ रहा है तो सावधान हो जाइए। नगर निगम द्वारा बिछाई गई इस तरह की पाइप लाइनों में माइनर लीकेज भी पानी को संक्रमित कर आपका स्वास्थ्य बिगाड़ सकता है। नईदुनिया की खबर के बाद नगर निगम द्वारा शुरू किए गए सर्वे में चौकाने वाले नजारे देखने को मिले हैं। इन नजारों को देखकर सर्वे टीम में शामिल अधिकारी भी हैरत में आ गए।
जो नालियां वर्षों से साफ नहीं हुई हैं और जहां हम बदबू के कारण एक मिनिट भी खड़े रहना पंसद नहीं करेंगे ऐसी मलमूत्र से भरी नालियों के अंदर से वार्डों में पेयजल पाइप लाइनें बिछी हुई हैं।
निगमायुक्त प्रियंका राजावत द्वारा गठित की गई 25 अधिकारियों की टीमों ने जब शनिवार को सुबह से वार्डों में पेयजल पाइप लाइनों का सर्वे किया तो स्तब्ध रह गए। कई स्थान ऐसे मिले जहां पीवीसी के पाइप पूरी तरह से नालियों में डूबे हुए पाए गए। वहीं कई स्थान ऐसे मिले जहां पाइप लाइनों में लीकेज के कारण पानी व्यर्थ बहता हुआ पाया गया। अलग-अलग टीमों ने ऐसे स्थानों को चिह्नित कर वीडियो फोटो भी बनाए हैं ताकि इन क्षेत्रों में सुधार किया जा सके। यह सर्वे करीब रविवार को भी चलेगा।
सोमवार को टीम द्वारा सर्वे रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंपी जाएगी। विदित हो कि नईदुनिया द्वारा दो जनवरी के अंक में पेयजल पाइप लाइनों में लीकेज से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।इसके बाद महापौर अमृता अमर यादव की अध्यक्षता में जल वितरण विभाग की बैठक हुई और वस्तु स्थिति जानने के लिए महापौर ने सर्वे के आदेश दिए।
स्थिति देखी तो कतरा गए निगम अधिकारी
- पदमकुंड वार्ड में सर्वे के लिए नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी गौरव खरे टीम के साथ पहुंचे। यहां दुबे कालोनी और आसपास की बस्तियों में स्थिति देखकर अधिकारी कतरा गए।एक जगह तो पूरी नाली में ही पीवीसी पाइप लाइन बिछी थी।वहीं एक अन्य स्थान पर पेयजल पाइप लाइन के आसपास ड्रेनेज के पानी का डबरा पाया गया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि हम सीएम हेल्पलाइन में कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन सफाई व्यवस्था नहीं कराई जा रही है।यहां गंदगी से पटी नाली में बदबू इतनी आ रही थी कि अधिकारी अधिक देर तक नहीं रुक सके।
- टीम पदमकुंड के पास सार्वजनिक सुलभ शौचालय स्थल पर पहुंची।यहां शौचालय का पानी जिस नाली से बह रहा है, उसी नाली के किनारे पेयजल पाइप लाइन फूटी हुई मिली।पाइप लाइन से पानी बह रहा था।लोगों ने कहा कि काफी लंबे समय से इस तरह की स्थिति यहां बनी हुई है लेकिन लीकेज नहीं सुधारा जा रहा है। इधर झीलोद्यान स्थित जिस कुंए से टैंकर भरे जाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जाते हैं, उस कुएं का पानी प्रदूषित पाया गया।
- इंजीनियर मनीष झीले टीम के साथ टीम जसवाड़ी रोड क्षेत्र में पहुंची।यहां शीतला माता मंदिर के कुछ दूर बिल्डिंग मटेरियल की दुकान के ठीक सामने नाली से गुजर रही पाइप लाइन में लीकेज पाया गया। इसके अलावा टीम को प्रताप नगर में पेयजल पाइप नाली के अंदर खुले हुए मिले।अंबेडकर वार्ड में करीब आठ स्थानों पर पेयजल पाइप लाइनों में लीकेज पाए गए।
- खानशाहवली वार्ड में राजस्व अधिकारी हरीश दुबे टीम के साथ सर्वे के लिए पहुंचे।यहां भी अलग-अलग कॉलोनियों में पेयजल वितरण की पाइप लाइनें नालियों में और इनके आसपास बिछी हुई पाई गई।इससे संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है।
- इमलीपुरा क्षेत्र में मस्जिद वाली गली में मुख्य मार्ग पर पाइप लाइन में लीकेज से पानी बहता हुआ पाया गया।यहां का फोटो लेकर निगम की टीम ने इसे चिन्हित किया है।
डाइट स्थित ओवरहेड टैंक की सफाई कराई
नगर निगम की टीम द्वारा शनिवार को डाइट कॉलेज स्थित ओवरहेड टैंक की सफाई का काम शुरू कराया गया।वहीं निगम द्वारा शनिवार को चार स्थानों पर पेयजल पाइप लाइन लीकेज सुधारे गए।स्व सहायता समूह की महिलाओं के सहयोग से निगम द्वारा डोर-टू-डोर कैंपेन चलाकर पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।
पाइप लाइनों की रिपयरिंग पर ध्यान दिया जाना चाहिए
पेयजल पाइप लाइनों को करीब एक मीटर की पर्याप्त गहराई में बिछाया जाना चाहिए।कांक्रीट का बेस भी डाला जाना चाहिए। नालियों में या इनके आसपास लाइन बिछाए जाने से बचना चाहिए। पाइप लाइनों की रिपयरिंग पर भी समय-समय पर ध्यान दिया जाना चाहिए।







