तिब्बत क्षेत्र गुरुवार रात भूकंप के तेज और भीषण झटकों से दहल उठा। रिक्टर स्केल पर 7.0 तीव्रता वाले इस भूकंप ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है। अब तक मिली आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, इस भीषण प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में से 11 की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। भूकंप का असर इतना तीव्र था कि देखते ही देखते चारों तरफ अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई।
🏚️ नागकू शहर में सबसे ज्यादा तबाही: 339 घर पूरी तरह ध्वस्त, मलबे में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भारतीय समयानुसार रात करीब 8:03 बजे आए इस भूकंप का केंद्र राजधानी ल्हासा से 400 किलोमीटर दूर उत्तरी तिब्बत के नागकू शहर में जमीन से 173 किलोमीटर की गहराई में था। यह पिछले 5 वर्षों में तिब्बत में आया सबसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अब तक 339 से अधिक घर जमींदोज हो चुके हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रभावितों के रहने के लिए राहत शिविर व टेंट लगाए जा रहे हैं।







