“ऑपरेशन प्रहार” के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, जुआ फड़ पर दबिश देकर 03 जुआरी गिरफ्तार
🔹 पीपल चौक इटावा स्थित पांडाल के पीछे अवैध रूप से जुआ खेल रहे आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा।
🔹 जुआ फड़ से ₹3,110 नगद जुआ राशि एवं 52 ताश के पत्तों की गड्डी जप्त।
🔹 आरोपियों के विरुद्ध धारा 13 जुआ एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध।
पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोद द्वारा जिले में संगठित अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु संपूर्ण जिले में “ऑपरेशन प्रहार” संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत अवैध जुआ-सट्टा सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही करने हेतु समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।
इसी क्रम में दिनांक 12.10.2026 को थाना सिविल लाइन पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि पीपल चौक इटावा स्थित पांडाल के पीछे कुछ व्यक्ति ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री गजेन्द्र सिंह वर्धमान एवं नगर पुलिस अधीक्षक देवास श्री सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक विजय सिंह लोधी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दबिश दी गई। पुलिस टीम द्वारा मौके पर अवैध रूप से जुआ खेलते हुए कुल 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जुआ फड़ से ₹3,110 नगद जुआ राशि एवं 52 ताश के पत्तों की 01 गड्डी जप्त की गई। आरोपियों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में धारा 13 जुआ एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक एवं बाउंड ओवर की कार्यवाही की गई है।
गिरफ्तार आरोपीगणः-
1.शकील पिता सलीम खान, उम्र 33 वर्ष, निवासी नूरी मस्जिद के पास, इटावा, देवास।
2.नवीन पिता रतनलाल परिहार, उम्र 23 वर्ष, निवासी पीपल चौक, इटावा, देवास।
3.राहुल पिता गजेन्द्र सिंह रघुवंशी, उम्र 35 वर्ष, निवासी उज्जैन रोड, जीडीसी कॉलेज के सामने, इटावा, देवास।
जप्त मश्रुकाः-
🔹 नगद जुआ राशि — ₹3,110
🔹 52 ताश के पत्तों की 01 गड्डी।
कुल जप्त मश्रुका — ₹3,110।
सराहनीय भूमिकाः- उक्त सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक विजय सिंह लोधी, प्रआर 589 घनश्याम अर्जने, आरक्षक 280 गौरव पिरोनिया, आरक्षक 887 हितेश कुशवाह, आरक्षक 32 राजाराम एवं आरक्षक 559 अरुण चावड़ा की सराहनीय भूमिका रही।




