छिंदवाड़ा। कहते हैं कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर हौसला मजबूत हो और सही अवसर मिल जाए, तो असंभव भी संभव हो जाता है। इस कहावत को साकार कर दिखाया है गरीबी में जीवन गुजारने वाली छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकासखंड बिछुआ के ग्राम पिपरिया कला की अनीता कनौजिया ने। अनिता ‘लखपति दीदी’ बनकर पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
पति सिलाई का काम करते थे
अनीता का विवाह एक साधारण परिवार में हुआ, जहां आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उनके पति सिलाई का काम करते थे, जिससे होने वाली आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी थी। रोजमर्रा की परेशानियों के बीच भी अनीता ने कभी हार नहीं मानी और आत्मनिर्भर बनने का सपना संजोए रखा।
इसी संघर्ष के दौरान अनीता, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन.आर.एल.एम) से जुड़ीं। इस योजना के तहत उन्हें स्वरोजगार से संबंधित प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और ऋण सुविधा प्रदान की गई। प्रशिक्षण के बाद अनीता ने आत्मविश्वास के साथ आजीविका गतिविधि शुरू की और धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार किया।
‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो गईं
मेहनत, अनुशासन और विभागीय सहयोग के दम पर उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई और वे ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो गईं। अनीता ने केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी सशक्त बनने का उदाहरण पेश किया।
उन्होंने स्वयं शिक्षा प्राप्त की और अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया। आज उनका परिवार पूरी तरह आत्मनिर्भर है और उनके पति भी उनके साथ मिलकर सम्मानजनक आजीविका चला रहे हैं।
असाधारण सफलता को अब राष्ट्रीय पहचान मिली
अनीता कनौजिया की इस असाधारण सफलता को अब राष्ट्रीय पहचान मिली है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उनके योगदान और प्रेरणादायक संघर्ष को देखते हुए उन्हें दिल्ली में 26 जनवरी 2026 को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। यह सम्मान न केवल अनीता के लिए, बल्कि पूरे गांव, क्षेत्र और जिले के लिए गौरव की बात है।







