दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की; एआई एवं डीपफेक वीडियो 48 घंटों में हटाने के आदेश
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ पत्रकार श्री सुधीर चौधरी के पक्ष में एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए व्यक्तित्व अधिकारों और प्रतिष्ठा की रक्षा को पुनः स्थापित किया है।
श्री चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सभी इंटरमीडियरी, प्लेटफ़ॉर्म और संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है कि सभी एआई आधारित एवं डीपफेक वीडियो, जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करते हैं, उनकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाते हैं अथवा उनकी छवि का दुरुपयोग करते हैं, उन्हें 48 घंटों के भीतर हटाया जाए।
न्यायालय ने यह भी माना कि तकनीक का दुरुपयोग कर बनाए गए ऐसे वीडियो न केवल व्यक्तिगत गरिमा का उल्लंघन करते हैं, बल्कि पत्रकारिता और प्रामाणिक जानकारी पर जनता के विश्वास को भी कमजोर करते हैं। यह ऐतिहासिक निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपफेक जैसे नए साधनों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री चौधरी ने कहा –
“यह निर्णय केवल मेरे अधिकारों की रक्षा नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि तकनीक का दुरुपयोग कर किसी भी नागरिक की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं होगी। यह डिजिटल युग में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
इस मामले में पक्षकार की ओर से पैरवी अधिवक्ता रुद्राली पाटिल एवं अधिवक्ता कुशाग्र सिंह ने की, जिन्होंने डिजिटल परिप्रेक्ष्य में व्यक्तित्व अधिकारों और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के महत्व पर बल दिया।
बताया जा रहा है कि यह आदेश एआई और डीपफेक के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने तथा व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए भविष्य में एक अहम मिसाल के रूप में कार्य करेगा।















Users Today : 7
Total Users : 16754
Views Today : 7
Total views : 29699
Who's Online : 0
Server Time : May 15, 2026 3:43 pm