नरसिंहपुर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई उस समय अफरा-तफरी के माहौल में बदल गई, जब रोंसरा गांव के एक व्यथित दंपति ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। पिछले तीन-चार वर्षों से न्याय के लिए सरकारी चौखटों पर सिर पटक रहे पीड़ित जगदीश शर्मा और उनकी पत्नी आरती शर्मा ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए अपनी व्यथा साझा की।
कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में जगदीश शर्मा ने बताया कि उनके पड़ोसी प्रकाश पटेल ने स्थानीय लाइनमैन अशोक सराठे की कथित मिलीभगत से उनके खेत में स्थापित बिजली के खंभे, लीड और पाइप जबरन उखाड़ दिए हैं।
फरियादी का कहना है कि 26 जनवरी 2025 को की गई लिखित शिकायत के बाद अधिकारियों ने आठ दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था, जो एक साल बीतने के बाद भी कागजों तक ही सीमित रहा। पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से परेशान दंपति को आर्थिक तंगी के कारण महाराष्ट्र और विदिशा जाकर मजदूरी व यजमानी करने पर विवश होना पड़ रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही निरंतर अनदेखी से मानसिक रूप से टूट चुके इस दंपति ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे अपनी जीवनलीला समाप्त करने जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। जनसुनवाई में दी गई इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
इसके उपरांत विद्युत विभाग के आला अधिकारियों ने आनन-फानन में मैदानी अमले को बिजली आपूर्ति बहाल करने और मौके पर जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई और हुए नुकसान की भरपाई चाहते हैं।







