औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में शनिवार रात दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया। सेक्टर-2 के पास एक चलती हुई हुंडई आई-20 (i-20) कार अचानक धधकती लपटों के बीच घिर गई। गनीमत यह रही कि समय रहते चालक को खतरे का आभास हो गया और वह जलती कार से बाहर निकल आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आईएमटी (IMT) स्थित एक निजी उद्योग में कार्यरत विकास अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे। वह अपनी आई-20 कार से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन का उपयोग कर रहे थे। सफर के दौरान सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही वह सेक्टर-2 के करीब पहुंचे, कार के निचले हिस्से से हल्का काला धुआं निकलने लगा।
शुरुआत में विकास को धुएं का एहसास नहीं हुआ, लेकिन एक्सप्रेसवे पर बगल से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने जब आग की लपटें देखीं, तो उन्होंने शोर मचाकर और इशारा कर विकास को सचेत किया।
मिनटों में राख हुई कार
अन्य चालकों के इशारे को समझते ही विकास ने बिना देरी किए कार को किनारे लगाया और तुरंत बाहर निकल आए। उनके बाहर निकलते ही कार के बोनट से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। विकास और वहां मौजूद राहगीर कुछ समझ पाते या आग बुझाने का प्रयास करते, उससे पहले ही आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।
राहगीरों ने तत्काल इसकी सूचना दमकल विभाग और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अग्रसेन चौकी पुलिस और फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक लाखों की कीमत वाली लग्जरी कार लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी।
जांच में सामने आया कारण
घटनास्थल पर पहुंचे जांच अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि कार में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। गनीमत यह रही कि जैसे ही अन्य वाहन चालकों ने चेतावनी दी, चालक विकास ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर निकल आए, वरना परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे। इस घटना के कारण एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई कार को रास्ते से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया।







