आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में दोपहर 12 बजे से महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद मंत्री चैतन्य कश्यप ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट में कई अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने प्रशासन और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिसंबर महीने में दो बड़े चिंतन शिविर आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके साथ ही आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के लिए 345 करोड़ रुपये और विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दिखाई गई है।
🏕️ जनप्रतिनिधियों के लिए ‘सेवा चिंतन’ और अफसरों के लिए होगा ‘नीति चिंतन’ शिविर: दिसंबर में होगी मंथन की तैयारी
सरकार द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, दिसंबर में दो अलग-अलग चिंतन शिविर लगाए जाएंगे। पहला शिविर 21 और 22 दिसंबर को ‘सेवा चिंतन शिविर’ के नाम से आयोजित होगा, जिसमें प्रदेश के सभी मंत्री, विधायक और सांसद शामिल होकर जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर मंथन करेंगे। वहीं अधिकारियों के लिए ‘नीति चिंतन शिविर’ अलग से आयोजित किया जाएगा, जिसमें सरकारी नीतियों, योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा होगी। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में दिवाली पर स्थानीय कुम्हारों और माटी कला को बढ़ावा देने, 12 अल्पवर्षा वाले जिलों (जैसे अलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन आदि) के किसानों की स्थिति का आकलन करने, तथा मध्य प्रदेश स्थापना दिवस को दो दिनों तक भव्य रूप से मनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।






