भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में खरीद-फरोख्त और टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले पर सफाई देते हुए अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे ने कहा कि विभाग में वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली गई है, जिसके आधार पर प्रदेश भर में नियमों के विरुद्ध खर्च और टेंडर में गड़बड़ी करने वाले 392 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इनमें 146 अधिकारी शामिल हैं, 7 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, 76 की वेतनवृद्धि रोकी गई है और 80 ठेकेदारों पर भी शिकंजा कसा गया है।
🔍 वायरल वीडियो के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाए सवाल: कहा- परचेज रूल्स क्यों नहीं बदले गए, क्या अधिकारियों को मिल रहा है कमीशन?
यह पूरा विवाद एसीएस संजय दुबे के एक वायरल वीडियो के बाद सामने आया, जिसमें वे यह बताते नजर आ रहे हैं कि विभिन्न नगरीय निकायों ने कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां अलग-अलग और बाजार दर से काफी ऊंची कीमतों पर खरीदी हैं। प्रजेंटेशन के अनुसार, 374 निकायों ने पिछले तीन सालों में GeM पोर्टल के जरिए 1134 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जबकि औसत कीमतों पर यह सामान खरीदने से करीब 250 करोड़ रुपए बचाए जा सकते थे। इस खुलासे के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोलते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं और पूछा है कि गड़बड़ी सामने आने के बावजूद अभी तक परचेज रूल्स क्यों नहीं बदले गए।


