साइबर विशेषज्ञ की मानें तो वेबसाइटों का यह जानने के लिए ऑडिट नहीं हो रहा कि डाटा बाहर तो नहीं जा रहा है। सच तो यह है कि आज ऐसा कोई व्यक्ति नहीं बचा है, जिसका जिसका आधार कार्ड लीक न हो चुका हो। आधार से पैन जुड़ा होता है, जिससे ठगों को लेनदेन तक पता चल जाता है।