शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास पुलिस थाने में एक ऐसा अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे पढ़कर हर कोई भौचक्का रह गया है। थाने पहुंचे एक युवक ने अपनी पत्नी के खिलाफ ऐसा आवेदन सौंपा कि पुलिसकर्मी भी सोच में पड़ गए।
युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी ने बार-बार समझाने के बावजूद करवा चौथ का व्रत नहीं रखा है। पति का तर्क है कि व्रत न रखने का सीधा मतलब यह है कि उसकी पत्नी उसकी लंबी उम्र की कामना नहीं करती है, इसलिए वह उसे तलाक दे देगा।
💔 बिजरावन गांव के बारेलाल आदिवासी का अजीब आरोप: ‘मेरी लंबी उम्र नहीं चाहती पत्नी, कर रही है बेवफाई’
मिली जानकारी के अनुसार, यह अजीब मामला जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिजरावन गांव के रहने वाले 30 वर्षीय बारेलाल आदिवासी का है। उन्होंने थाना प्रभारी को दिए गए लिखित आवेदन में अपनी पत्नी मिथलेश आदिवासी पर करवा चौथ का व्रत न रखने, चांद की पूजा न करने और बेवफाई करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

चांद के दर्शन से भी इनकार: पति का कहना है कि उसकी पत्नी ने उसके नाम का न तो करवा चौथ का उपवास रखा और न ही कोई पूजा-अर्चना की। उसने पत्नी से अनुरोध किया था कि कम से कम वह चांद को देखकर उसकी लंबी उम्र की कामना तो कर ले, लेकिन पत्नी ने उसकी एक बात नहीं मानी।
बेवफाई और तलाक की धमकी: बारेलाल का कहना है कि पत्नी का व्रत न रखना उसके साथ ‘बेवफाई’ है और उसने आशंका जताई है कि पत्नी उसे नुकसान पहुंचाना चाहती है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसकी पत्नी ने उसकी लंबी आयु के लिए पूजा और व्रत नहीं किया, तो वह उसे सीधा तलाक दे देगा।
🏛️ पुलिस की समझाइश और मामले की वर्तमान स्थिति
जब थाने के पुलिसकर्मियों ने इस अनोखी शिकायत को पढ़ा, तो वे भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए।
पारंपरिक पर्व का अनोखा रंग: करवा चौथ का पर्व आमतौर पर पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, जहां महिलाएं लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। लेकिन शिवपुरी में सामने आए इस मामले ने परंपरा की एक अलग ही तस्वीर पेश की है।
जांच और काउंसलिंग: फिलहाल यह मामला पति की ओर से दिए गए लिखित आवेदन से जुड़ा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पति-पत्नी के बीच आपसी घरेलू विवाद का मामला है। हालांकि, पत्नी मिथलेश आदिवासी की तरफ से इन आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया या पक्ष सामने नहीं आया है, और पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई व काउंसलिंग की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।

