इंदौर : देश के सबसे स्वच्छ शहर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जहां गंदा पानी पीने से दर्जनों लोग बीमार हो गए। इनमें से दो महिलाओं की मौत हो गई। वहीं कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। जैसे ही जानकारी मंत्री को लगी तो वे तत्काल दिल्ली से इंदौर पहुंचे और सीधा अस्पताल पहुंच कर मरीज़ों का हालचाल जाना।
इंदौर की विधानसभा-1 के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से बीमार हुए 34 लोगों में से दो महिलाओं की मौत हो गई है। सीमा और उर्मिला नाम की महिलाओं के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गंदा पानी पीने के बाद वो डिहाइड्रेशन का शिकार हुई थी और उनकी मौत हो गई। वही कई लोग अभी भी अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं। पूरे मामले में निगम के जिम्मेदार गायब है। वही खुद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनकी टीम पीड़ित लोगों के इलाज के लिए समूची व्यवस्था जुटाने में लगी है।
डॉक्टरों को इलाज के निर्देश देने के बाद मंत्री विजयवर्गीय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि दूषित पानी की जांच के लिए बोल दिया गया है। इसके साथ ही पहली प्राथमिकता रहवासियों को ठीक करना है। इसके साथ ही जिन लोगों से अस्पताल वालों ने पैसे लिए हैं, उनको वापस करने को कह दिया गया है। सभी का इलाज सरकार द्वारा निशुल्क कराया जाएगा।
वहीं मंत्री ने अस्पताल प्रशासन से कहा अगर स्टाफ़ की कमी है तो उसे भी बढ़ाया जाए। मंत्री ने साफ़ कहा कि जल्द ही पानी की जांच हो जाएगी और उसकी रिपोर्ट कल ही सामने आ जाएगी। वहीं इसके साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों से अपील की है कि जो भी पानी पिए उसे उबाल करके ही पिया जाए। मंत्री ने आगे कहा अभी पानी की स्थिति स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद ही सही कारण सामने आएगा।
आपको बता दे मंत्री के साथ विधायक रमेश मेंदोला इंदौर शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और इंदौर शहर के प्रभारी डॉक्टर मोहन यादव द्वारा कलेक्टर को मरीज़ों की हर संभव मदद करने का और सही इलाज करने के निर्देश दिए हैं।
















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Server Time : April 27, 2026 12:07 pm