हाथ ठेले पर पत्नी को ले जाता मजबूर पति, काग़ज़ों में ही सिमटी स्वास्थ्य सुविधाएं
मध्य प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने और सुविधाएं बढ़ाने के दावे कर रही है। लेकिन देवास में सामने आई यह तस्वीर इन दावों की पोल खोलती नजर आई।
देवास के एबी रोड पर एक गरीब व्यक्ति अपनी बीमार पत्नी को हाथ ठेले पर लिटाकर जिला अस्पताल से इलाज कराकर घर ले जाता दिखा। पत्नी को लकवा (पैरालिसिस) है, लेकिन परिजन का आरोप है कि न तो अस्पताल में भर्ती किया गया और न ही एंबुलेंस की सुविधा मिली।
जब हमारी टीम ने परिजन से बात की तो उसने रोते हुए बताया—
“एंबुलेंस वाले पैसे मांग रहे थे… मेरे पास पैसे नहीं थे। गरीबों की कोई नहीं सुनता साहब।”
बात करते-करते उसकी आंखों से आंसू बह निकले। इसी दौरान वहां से गुजर रहे देवास निवासी सुमेर सिंह ठाकुर ने मानवीय पहल दिखाते हुए परिवार को ₹1000 की सहायता दी और अपना मोबाइल नंबर भी साझा किया, यह कहते हुए कि भविष्य में किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो संपर्क करें।
यह घटना उस समय और गंभीर हो गई जब हमारी टीम ने जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने की कोशिश की—लेकिन कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने आने को तैयार नहीं हुआ।
प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव स्वास्थ्य विभाग में सुविधाओं की बात करते हैं, लेकिन देवास के बीचो-बीच यह दृश्य बताता है कि सरकारी योजनाएं अभी भी ज़मीन तक नहीं पहुंच पाई हैं।
❓ सवाल वही है—
अगर एंबुलेंस और इलाज गरीब को नहीं मिलेगा, तो ये सुविधाएं आखिर किसके लिए हैं?
🎥 ग्राउंड रिपोर्ट: एमपी की आवाज
















Users Today : 0
Total Users : 16546
Views Today :
Total views : 29487
Who's Online : 0
Server Time : April 26, 2026 1:00 am