मुरैना। जौरा ब्लॉक की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में स्वाइल टेस्टिंग (मिट्टी की जांच) के नाम पर हुए फर्जीवाड़े में लैब से लेकर कृषि विभाग के ग्रामीण विस्तार अधिकारी (आरएईओ) सहित अन्य कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। उप संचालक कृषि अनंत सड़ैया ने जौरा एसएडीओ को मामले की जांच का जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले में मिट्टी परीक्षण के नाम पर हुए फर्जीवाड़े का राजफाश नईदुनिया ने किया है, जिसमें बताया गया कि शहडोल-नागदा से लेकर तेलंगाना तक की मिट्टी की जांच की इंट्री दर्ज कर शासन से राशि हड़प ली गई।
उप संचालक कृषि अनंत सड़ैया ने जांच के लिए जारी आदेश में कहा है कि जिन आरएईओ ने मिट्टी परीक्षण लैब में मिट्टी के सैंपल, किसानों की जानकारी व मोबाइल नंबर दिए हैं, उनकी भूमिका की जांच हो। साथ ही प्रयोगशाला के कामकाज की भी पूरी जांच हो। उन्होंने मामले को बेहद चिंताजनक बताया है। कहा कि जांच के सैंपल आरएईओ लाते हैं उनकी भूमिका की भी जांच होगी। किसानों के खेतों की लोकेशन दूसरे जिलों में कैसे आ रही है, किसानों के आगे दर्ज मोबाइल नंबर किसके हैं, इन बिंदुओं पर भी जांच होगी।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने एक साल पहले मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं को ठेके पर दे दिया है। जौरा की लैब राधिका कोआपरेटिव नाम की फर्म के सुपुर्द है। शासन द्वारा मिट्टी के एक सैंपल की जांच के बदले 233 रुपये दिए जाते हैं। इसी राशि के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया है।
किसानों के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी सहन नहीं की जाएगी। मामले की जांच होगी और गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी।
















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