जबलपुर। नर्मदा नदी और धुआंधार जलप्रपात की तरह ही जबलपुर की पहचान बन चुकी मदन महल पहाड़ी पर स्थित ‘बैलेंस रॉक’ प्रकृति की एक बेहद अद्भुत भूगर्भीय संरचना है। एक विशाल गोलाकार चट्टान पर टिके इस अनोखे अजूबे को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि, इन दिनों इस प्राकृतिक धरोहर के ठीक पास हुए निर्माण कार्यों और इसके आसपास की जमीनों के निजी हाथों में पहुंचने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
🔍 प्रशासन ने शुरू की दस्तावेजों की जांच: अपर कलेक्टर बोले—अनियमितताओं की होगी निष्पक्ष पड़ताल
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच और कई वरिष्ठ नागरिकों ने पर्यटन विभाग पहुंचकर इस धरोहर के संरक्षण की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर के अपर कलेक्टर रविशंकर राय ने राजस्व अभिलेखों और पुराने दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन यह पता लगा रहा है कि बैलेंस रॉक के आसपास की जमीनों का हस्तांतरण किन नियमों और आधारों पर हुआ है। जानकारों का मानना है कि इस प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक बार नुकसान होने पर इसे दोबारा नहीं बनाया जा सकता।


