भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ के कारण शासन को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। इसका खुलासा भोपाल के भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा शहरी विकास प्रशिक्षण संस्थान में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा दिए गए एक प्रेजेंटेशन में हुआ। रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जहां एक तरफ 60 वाट की एलईडी लाइट मात्र 306 रुपये में खरीदी गई, तो वहीं दूसरी तरफ इसी तरह की लाइट के लिए 11,800 रुपये तक चुकाए गए। इसके अलावा फिनालिक डिसइन्फेक्टेंट और कचरा वाहनों की खरीद में भी भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।
💰 एसीएस संजय दुबे की दो टूक चेतावनी और कांग्रेस का तीखा हमला: अब गड़बड़ी मिलने पर होगी सीधी कार्रवाई
प्रजेंटेशन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 374 नगरीय निकायों ने GeM पोर्टल के जरिए करीब 1,134 करोड़ रुपये की खरीदारी की, यदि औसत दरों पर खरीद होती तो लगभग 250 करोड़ रुपये बचाए जा सकते थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने चेतावनी दी है कि इस साल से खरीदी में गड़बड़ी मिलने पर सीधे सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर मोहन सरकार पर करारा हमला बोला है और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।