भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पुलिस की नजर अब शहर की उन गलियों पर है जहां फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और खुद पुलिस के वाहन भी नहीं पहुंच पाते हैं। वहज है इन गलियों को अंदर हुआ अतिक्रमण। किसी भी आपात स्थिति में यहां पर वाहन पहुंच सके, इसके लिए पुलिस अब ऐसी गलियों का डेटा तैयार कर रही है, इसके साथ ही इलाकों की जियो टैगिंग भी की जानी है।
कुछ समय पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी शहरों में ऐसे स्थानों को डेटा तैयार करने को कहा था, जहां पर जमीन के ऊपर अतिक्रमण किया गया है। इसके साथ ही अवैध गतिविधियां भी हो रही हों। सीएम के निर्देशों के अनुसार भोपाल में ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां पर अतिक्रण किया गया हो।
कमिश्नर कार्यालय में सौंपेंगे रिपोर्ट
भोपाल में जिला प्रशासन के साथ नगर निगम की टीम भी इस काम में जुटी हुई है। इसके साथ पुलिस भी ऐसी गलियों की जानकारी ले रही है, जहां वाहनों को अंदर पहुंचने में समस्या का सामना करना पड़ता है। प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमें अतिक्रमण को लेकर निकाला गए इस डेटा की रिपोर्ट कमिश्नर कार्यालय को सौंपेंगे।
इन सभी डेटा को लेकर कमिश्नर कार्यालय में तीनों विभाग के साथ एक बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें इस बात पर फैसला लिया जाएगा कि यहां पर अतिक्रण हटाने की जरूरत है और किन इलाकों में निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए। इसमें कुछ इलाकों में सड़क को चौड़ा करने पर भी फैसला हो सकता है।
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने जल्द से जल्द डेटा इकट्ठा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी थानों के टीआई और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जाए जहां पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस नहीं पहुंच सकती हो। ऐसे स्थानों पर जरूरी कार्रवाई कर यह तय किया जाएगा कि वहां पर वाहन पहुंच सके। ताकि वहां किसी भी आपात स्थिति में वाहन पहुंच सकें।







