इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से आठ लोगों की मौत के मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दो जनहित याचिकाएं लगाई गई हैं। इस मामले में आज ही सुनवाई होगी। क्षेत्र में गंदा पानी सप्लाई होने से 1100 से ज्यादा लोग बीमार बताए गए हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में जेडओ, सहायक यंत्री और उपयंत्री के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
भागीरथपुरा के वार्ड 11 में 7 हजार नर्मदा वॉटर लाइन के कनेशक्शन हैं। 1997 में बनी भागीरथपुरा पानी की टंकी से ही इलाके में पानी वितरित किया जाता है। यह टंकी नर्मदा फेज एक व दो की पाइप लाइन से भरी जाती है। 9 सितंबर को पानी की टंकी की रामकी कंपनी के कर्मचारियों ने सफाई की थी। दूषित पानी से लोगों के बीमार होने की सूचना के बाद 28 दिसंबर को भी सफाई की गई। 2003 में टंकी के पास बनी पुलिस चौकी, उसके पास नर्मदा लाइन के ऊपर शौचालय बना दिया था।





