बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में मुस्लिम तेली समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने फिजूलखर्ची और दिखावे पर नकेल कसने के लिए एक मिसाल पेश की है। समाज में पहली बार 21 जोड़ों के सामूहिक निकाह (इज्तेमाई शादी) सम्मेलन का ऐलान किया गया है। 22 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दहेज लेन-देन, बैंड-बाजा बजाने और प्री-वेडिंग शूट जैसी फिजूलखर्चियों पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का सर्वसम्मति से ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इस कदम से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को शादी-ब्याह के नाम पर होने वाले भारी कर्ज से बड़ी राहत मिलेगी।
🎁 महज ₹21 हजार के पंजीयन में मिलेगा गृहस्थी का पूरा सामान: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से पहुंचे आवेदन
आयोजन समिति के अनुसार, दूल्हा-दुल्हन के परिजनों से नाममात्र का ₹21,000 पंजीयन शुल्क लिया जाएगा, जिसके बदले में नवदंपतियों को फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, पेटी-पलंग, अलमारी और बर्तन सेट सहित गृहस्थी का सामान उपहार स्वरूप दिया जाएगा। समाज के रियाज फारुक खोकर ने बताया कि शादी को दिखावे की जगह सादगी और भाईचारे से जोड़ने का यह प्रयास है। इस सम्मेलन के लिए इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर के अलावा महाराष्ट्र के जलगांव, अकोला और पाचौरा से भी रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए हैं।

