ग्वालियर: शहर के सबसे व्यस्त दाल बाजार इलाके में गुरुवार को दिनदहाड़े कार का शीशा तोड़कर दुल्हन के अपहरण की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों द्वारा युवती को जबरन कार से ले जाते हुए दृश्य सामने आए, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो इस हाईप्रोफाइल अपहरण कांड की परतें खुलती चली गईं और सामने आई एक “लुटेरी दुल्हन गैंग” की सोची-समझी साजिश।
दरअसल शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर अपने मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे की शादी को लेकर परेशान थे। इसी दौरान उनके परिचित मुरैना निवासी राकेश शर्मा ने शादी का प्रस्ताव रखते हुए दो लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उन्हें बंटी धाकड़ से मिलवाया गया, जिसने अपनी साली पूनम गौर उर्फ डोली से शादी कराने का भरोसा दिलाया। नोटरी के जरिए शादी कराई गई और रकम भी वसूल ली गई।
शादी के कुछ ही समय बाद जब महेंद्र पाराशर अपने बेटे और नई-नवेली दुल्हन को कार से लेकर जा रहे थे, तभी दाल बाजार में एक्टिवा और बाइक सवार बदमाशों ने कार को रोका, शीशा तोड़ा और दुल्हन को “अपहृत” कर ले गए। घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।
हालांकि पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ—यह कोई अपहरण नहीं, बल्कि दुल्हन और उसके साथियों की पूर्व नियोजित साजिश थी। गैंग का मकसद शादी के नाम पर ठगी कर दुल्हन को फरार कराना था। पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर एक आरोपी को दबोच लिया और उसके पास से 90 हजार रुपये नकद बरामद किए।
पुलिस ने इस मामले में राकेश शर्मा, बंटी धाकड़, सत्यपाल उर्फ हीरा ठाकुर और पूनम उर्फ डोली वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही चार अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दिनदहाड़े अपहरण जैसी दिखने वाली इस घटना ने साबित कर दिया कि अपराधी अब ठगी को अंजाम देने के लिए नई-नई तरकीबें अपना रहे हैं। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा गिरोह बेनकाब हो गया है।




