इंदौर। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के सभी सरकारी कालेज से प्राध्यापकों के अवकाश को लेकर ब्यौरा मांगा है। यह जानकारी केंद्र सरकार के समर्थ पोर्टल पर अपलोड की जानी है। इसे लेकर अब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कारण यह है कि विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) में वर्ष 2012 से अब तक प्राध्यापकों की छुट्टियों का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके चलते समर्थ पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने को लेकर कोई डेटा नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक अब प्रोफेसरों को आगे से अवकाश के लिए पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन मुताबिक बीते कई वर्षों से प्राध्यापकों की छुट्टियों से संबंधित आवेदन न तो संकलित किए गए और न ही उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा गया। अब जब उच्च शिक्षा विभाग ने अचानक यह जानकारी मांगी है तो विश्वविद्यालय के पास प्रस्तुत करने के लिए कोई ठोस डेटा नहीं है। इस स्थिति का पता चलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि विभाग ने दो दिनों के भीतर समर्थ पोर्टल पर छुट्टियों की जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन रिकॉर्ड के अभाव में यह कार्य लगभग असंभव नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बिना किसी दस्तावेज या आवेदन के सही जानकारी देना मुश्किल है। इससे विश्वविद्यालय की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
इस संकट से निपटने के लिए डीएवीवी प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। पत्र के माध्यम से विभाग को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा और समयसीमा में छूट या वैकल्पिक समाधान की मांग की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। इसके लिए छुट्टियों से जुड़े रिकार्ड को व्यवस्थित और डिजिटल रूप में संधारित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
कुलसचिव प्रज्वल खरे का कहना है कि प्रोफेसरों के अवकाश से जुड़ा रिकॉर्ड अव्यवस्थित है। इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है। वैसे उच्च शिक्षा विभाग को एक रिपोर्ट भी भेजेंगे।
















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