महाराष्ट्र के नागपुर में किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है. विदर्भ के किसान दो दिनों से कर्जमाफी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सड़कों पर किसानों की भीड़ के कारण यातायात भी पूरी तरह से ठप हो गया था. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने कहा कि जब तक कर्जमाफी नहीं, गांव नहीं लौटूंगा. अब इस पूरे मामले पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने सरकार को एनाकोंडा सरकार कहा है. तो वहीं दूसरी तरफ सीएम देवेंद्र फडणवीस आंदोलन को लेकर कि सरकार उचित सकारात्मक कदम उठाएगी.
संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर हमला बोला है. इसके साथ ही गंभीर आरोप भी लगाए हैं. संजय राउत ने कहा कि जिस राज्य में कोई आंदोलन करता है, उसे अर्बन नक्सलवादी करार दे दिया जाता है. बच्चू कडू तो उन्हीं के साथ थे, गले लगकर घूमते थे. आज वही बच्चू कडू किसान आंदोलन कर रहे हैं. अब क्या उन्हें भी नक्सलवादी कहेंगे?
संजय राउत ने सरकार पर साधा निशाना
राउत ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को कुचलने का प्रयास कर रही है, जबकि नासिक में किसान पिछले कई दिनों से अनशन पर बैठे हैं. इसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. भ्रष्टाचार के एनाकोंडा से पूरा मंत्रिमंडल भरा हुआ है. राउत ने राज्य सरकार को ऍनाकोंडा सरकार करार दिया है. राउत ने कहा कि मंत्री लोग भूखंड गटकते हैं और अब ये मुंबई को निगलना चाहते हैं.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला करते हुए राउत ने कहा कि शिंदे ऍनाकोंडा का बच्चा है, जो पैसों से भरे ट्रक निगल जाता है. यह डायट वर्जन ऍनाकोंडा है. इसके साथ ही राउत ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बावनकुले पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलें में दो दिनों में सार्वजनिक करूंगा.
बातचीत से सुलझाएंगे मुद्दे- सीएम फडणवीस
महाराष्ट्र में हो रहे किसान आंदोलन पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार ने पहले दिन से ही सकारात्मक भूमिका ली है. आंदोलन से पहले भी सरकार ने बैठक बुलाई थी , चर्चा कर मुद्दे सुलझायेंगे तय किया था. उन्होंने कहा कि बातचीत इसलिए रद्द हो गई थी कि क्योंकि वे आंदोलन छोड़कर नहीं आना चाहते थे. एक बार फिर हमने उनसे बातचीत की है. उन्होंने जो मुद्दे रखे हैं, अब उन पर चर्चा कर रोडमैप तैयार करना होगा.
कर्जमाफी पर क्या बोले सीएम?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार की स्पष्ट भूमिका है. हमने उसके लिए कमिटी भी गठित की है. आज जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है जो किसान मुश्किल में हैं, उन्हें मदद करना हमारी प्राथमिकता है. हम किसानों को उचित समय पर कर्जमाफी देंगे, कर्जमाफी की भी तो पैसा बैंकों में पहले जाएगा सीधे किसान को नहीं मिलेगा. इसलिए अभी बैंकों को फायदा पहुंचाने से ज़्यादा किसानों तक डायरेक्ट मदद पहुंचाना जरूरी है, हम कर्जमाफी के वादे से मुकर नहीं रहे उचित समय पर करेंगे
















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