भोपाल। गणतंत्र दिवस की परेड देश के लिए जितनी खास है, भोपाल के लिए उससे भी कहीं अधिक गौरवशाली होने वाली है। शहर की बेटी कैप्टन हर्षिता राघव 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सेना के साइलेंट वॉरियर्स (मूक योद्धाओं) के उस विशेष दस्ते का नेतृत्व करेंगी, जो पहली बार दुनिया के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगा।
सेना की रिमाउंट एंड वेटनरी कॉर्प्स की इस टुकड़ी में केवल जवान ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना के वह वफादार साथी भी शामिल होंगे, जो दुर्गम सीमाओं पर देश की रक्षा करते हैं। इस मार्च में पहली बार बाज , घोड़े, दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट और आर्मी डॉग्स एक साथ कदमताल करते नजर आएंगे। इस पूरी टुकड़ी की कमान कैप्टन हर्षिता के हाथों में होगी।
पिता वायुसेना में दे चुके हैं सेवाएं
कैप्टन हर्षिता राघव एक सैन्य अधिकारी हैं। उनके पिता भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिससे देशभक्ति का जज्बा उन्हें विरासत में मिला है। वह आरवीसी में महिला अधिकारियों के उस शुरुआती बैच का हिस्सा हैं, जो अब नेतृत्व की भूमिका में नजर आ रहा है। पहली बार कोई महिला अधिकारी इस विशेष पशु दस्ते का नेतृत्व कर रही हैं। इस परेड के लिए कैप्टन हर्षिता और उनके ‘मूक योद्धाओं’ ने महीनों तक कड़ा अभ्यास किया है।
हम बता दें कि यह पहला मौका है जब इतने अलग-अलग प्रजातियों के सैन्य जानवरों को एक साथ राष्ट्रीय स्तर की परेड में शामिल किया गया है। कैप्टन हर्षिता उन महिला अधिकारियों के शुरुआती बैच से हैं, जिन्हें फील्ड-ओरिएंटेड कोर में कमान संभालने का मौका मिला है। उनका यह कदम मध्य प्रदेश की उन हज़ारों बेटियों के लिए प्रेरणा है जो भारतीय सेना में शामिल होने का सपना देखती हैं।
यह है मूक योद्धा
- परेड में शामिल होने वाले जानवरों की अपनी विशेष भूमिका है।
- बाज- यह दुश्मन के छोटे ड्रोन्स को हवा में ही नाकाम करने की क्षमता रखते हैं।
- बैक्ट्रियन ऊंट- लद्दाख जैसे शून्य से नीचे तापमान वाले बर्फीले रेगिस्तानों में गश्त करने वाले ये ऊंट सेना की रीढ़ हैं।
- आर्मी डॉग्स: विस्फोटक खोजने और खोज-बचाव अभियान में इनका कोई सानी नहीं है।
















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