डिंडोरी। मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल्य डिंडोरी जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक सरकारी स्कूल का संचालन अस्पताल के भवन में किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस भवन में मरीजों का इलाज होता है, उसी भवन के कमरों में बच्चों की कक्षाएं भी लग रही हैं। तस्वीरें खुद हालात बयां कर रही हैं। डिंडोरी जिले के करंजिया विकासखंड अंतर्गत परसेल गांव की माध्यमिक शाला इन दिनों गांव के आरोग्य केंद्र में संचालित हो रही है।
अस्पताल के छोटे-छोटे कमरों में 57 बच्चों की पढ़ाई करवाई जा रही है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि एक ही बेंच पर चार-चार बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों का कहना है कि जगह की भारी कमी के बावजूद वे किसी तरह पढ़ाई में जुटे हुए हैं। वहीं स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक ने बताया कि करीब एक साल पहले स्कूल भवन जर्जर हो गया था, जिसे सुरक्षा कारणों से डिस्मेंटल कर दिया गया। इसके बाद से मजबूरी में स्कूल का संचालन अस्पताल भवन में किया जा रहा है।
परसेल गांव के इसी आरोग्य केंद्र में टीवी उन्मूलन भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। ऐसे में एक ही भवन में इलाज और पढ़ाई का संचालन कई सवाल खड़े करता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी माना कि अस्पताल और स्कूल का एक ही भवन में संचालन उचित नहीं है। मामले पर जब सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग से बात की गई तो उन्होंने जल्द ही स्कूल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया।
















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