इंदौर। इंदौर की दवा फैक्ट्री में बन रहा जहरीला कफ सीरप दो साल पहले ही पकड़ा जा चुका था। हालांकि कार्रवाई के बजाय मामला दबा दिया गया। पहले राज्य की लैब में दवा के सैंपल फेल हुए। इसके बाद केंद्र की ड्रग लैब में दवा जहरीली होने की बात साबित हुई। नियमानुसार रिपोर्ट के आधार पर दवा निर्माता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी थी और कोर्ट में परिवाद दायर होना था, लेकिन अधिकारी रिपोर्ट छुपाते रहे।
अब छिंदवाड़ा में इसी रसायन वाले कफ सीरप से बच्चों की मौत हुई। हंगामा हुआ तो रिपोर्ट दबाने वाले अधिकारी लंबी छुट्टी लेकर गायब हो गए हैं। नए अधिकारी के हाथ पुराने मामले की फाइल लगी और खाद्य औषधि प्रशासन अब नियमों के अनुसार कार्रवाई की बात कर रहा है।
















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Server Time : May 25, 2026 6:27 am