उज्जैन: छींक आना सामान्य प्रक्रिया है. सर्दी-जुखाम होने पर दिनभर में कई बार छींक आती है. बावजूद इसके, भारतीय समाज में छींक को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं. अक्सर देखा जाता है कि यदि घर से निकलते समय छींक आ जाए, तो इसे अशुभ माना जाता है. तब लोगों को कुछ देर रुकने की सलाह दी जाती है. इसे अनहोनी या बाधा से जोड़कर देखते हैं. वहीं, विज्ञान इसे शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया मानता है, लेकिन शकुन शास्त्र छींक को भविष्य से जुड़े संकेतों के रूप में देखता है.
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, हर छींक को अशुभ मानना सही नहीं है. शकुन शास्त्र में छींक के शुभ या अशुभ होने का निर्णय उसके समय, दिशा, संख्या और उस वक्त की परिस्थिति पर निर्भर करता है. कई बार छींक आने को यात्रा में रुकावट का संकेत माना जाता है, तो कई स्थितियों में यही छींक सफलता, धन लाभ और अच्छे समाचार का संकेत भी देती है.
आचार्य बताते हैं कि सुबह के समय या किसी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले आई छींक, यदि सही परिस्थिति में हो तो सकारात्मक परिणाम दे सकती है. वहीं, कुछ समय और संदर्भों में छींक सावधानी बरतने का संकेत भी मानी जाती है, इसलिए हर छींक को नकारात्मक मानकर भयभीत होने की बजाय उसके संकेत और संदर्भ को समझना जरूरी है. शकुन शास्त्र हमें यही सिखाता है कि जीवन की छोटी-छोटी घटनाएं भी कई बार बड़े संकेत दे जाती हैं.
कब छींक आना होता अशुभ?
शकुन शास्त्र के अनुसार, छींक को केवल शरीर की स्वाभाविक क्रिया नहीं माना गया है, बल्कि इसे भविष्य से जुड़े संकेतों से भी जोड़ा जाता है. मान्यता है कि यदि घर से बाहर निकलते समय किसी को छींक आ जाए या सामने वाला व्यक्ति छींक दे तो यह कार्य में रुकावट या असफलता का संकेत हो सकता है. ऐसे में कुछ पल ठहरकर पानी पीना शुभ माना जाता है. वहीं, यदि दूध उबालते समय महिला को छींक आ जाए तो इसे अशुभ संकेत समझा जाता है, जो परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की चेतावनी देता है.
शकुन शास्त्र के अनुसार, छींक को केवल शरीर की स्वाभाविक क्रिया नहीं माना गया है, बल्कि इसे भविष्य से जुड़े संकेतों से भी जोड़ा जाता है. मान्यता है कि यदि घर से बाहर निकलते समय किसी को छींक आ जाए या सामने वाला व्यक्ति छींक दे तो यह कार्य में रुकावट या असफलता का संकेत हो सकता है. ऐसे में कुछ पल ठहरकर पानी पीना शुभ माना जाता है. वहीं, यदि दूध उबालते समय महिला को छींक आ जाए तो इसे अशुभ संकेत समझा जाता है, जो परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की चेतावनी देता है.
इस समय भी छींक आना शुभ
शकुन शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में छींक आना शुभ संकेत माना जाता है. यदि कोई व्यक्ति किसी शुभ या मांगलिक कार्य के लिए निकलते समय छींक ले, तो यह कार्य में सफलता और अचानक धन लाभ का संकेत है. दवा लेते समय छींक आना इस बात का संकेत है कि व्यक्ति शीघ्र स्वस्थ होने वाला है. वहीं, यदि बाजार में कोई वस्तु खरीदते समय छींक आ जाए, तो इसे भी अच्छा शगुन माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भविष्य में उस वस्तु से लाभ, सुख और संतोष प्राप्त होता है.
शकुन शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में छींक आना शुभ संकेत माना जाता है. यदि कोई व्यक्ति किसी शुभ या मांगलिक कार्य के लिए निकलते समय छींक ले, तो यह कार्य में सफलता और अचानक धन लाभ का संकेत है. दवा लेते समय छींक आना इस बात का संकेत है कि व्यक्ति शीघ्र स्वस्थ होने वाला है. वहीं, यदि बाजार में कोई वस्तु खरीदते समय छींक आ जाए, तो इसे भी अच्छा शगुन माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भविष्य में उस वस्तु से लाभ, सुख और संतोष प्राप्त होता है.
















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Server Time : February 25, 2026 5:20 am