उज्जैन : वैदिक ज्योतिष के अनुसार कर्म और न्याय के कारक शनिदेव निश्चित समय अंतराल पर अपनी स्थिति में परिवर्तन करते हैं. शनि ग्रह के किसी भी परिवर्तन का प्रभाव केवल 12 राशियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर देश और दुनिया की गतिविधियों पर भी साफ देखा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि शनि लगभग ढाई वर्ष तक एक ही राशि में विराजमान रहते हैं. वर्तमान समय में शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं.
इस दौरान उनकी युति शुक्र ग्रह के साथ बन रही है, जिससे एक विशेष और प्रभावशाली अर्धकेंद्र योग का निर्माण हो रहा है. यह योग कुछ राशियों के लिए सौभाग्य के द्वार खोल सकता है और अप्रत्याशित लाभ के संकेत दे रहा है. यह पूरा ज्योतिषीय विश्लेषण चंद्र राशि को आधार मानकर किया गया है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दुर्लभ ग्रहयोग का विशेष प्रभाव तीन राशियों पर पड़ने वाला है. आइए जानते हैं कौन-सी हैं वह भाग्यशाली राशियां, जिनके जीवन में शनि-शुक्र की यह युति बड़ा बदलाव ला सकती है.
28 जनवरी को होगा कुछ खास
उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 28 जनवरी को सुबह 7 बजकर 29 मिनट पर शनि-शुक्र एक-दूसरे से 45 डिग्री पर होंगे, जिससे अर्धकेंद्र योग का निर्माण हो रहा है. इस समय शुक्र मकर राशि में विराजमान हैं, जहां पर वह सूर्य, मंगल, बुध के साथ युति में हैं. ऐसे में शनि के साथ दैत्य गुरु शुक्र की युति कुछ राशियों को सोने पर सुहागा साबित हो सकती है.
उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 28 जनवरी को सुबह 7 बजकर 29 मिनट पर शनि-शुक्र एक-दूसरे से 45 डिग्री पर होंगे, जिससे अर्धकेंद्र योग का निर्माण हो रहा है. इस समय शुक्र मकर राशि में विराजमान हैं, जहां पर वह सूर्य, मंगल, बुध के साथ युति में हैं. ऐसे में शनि के साथ दैत्य गुरु शुक्र की युति कुछ राशियों को सोने पर सुहागा साबित हो सकती है.
तीन राशियों की चमकेगी किस्मत
वृषभ: इस राशि के जातकों के लिए शनि और शुक्र की युति से निर्मित अर्धकेंद्र योग विशेष शुभ फल देने वाला सिद्ध हो सकता है. ग्रहों की यह स्थिति भाग्य को मजबूती प्रदान कर रही है, जिससे जीवन के कई मोर्चों पर सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे. कुंडली के अनुसार भाग्य स्थान में शुक्र की उपस्थिति और कर्म भाव में शनि का प्रभाव यह संकेत देता है कि अब तक की गई मेहनत रंग लाने वाली है. कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को पहचान मिलेगी और हर कदम पर परिस्थितियां आपके पक्ष में बनती नजर आएंगी.
मकर: इस राशि के जातकों के लिए शनि और शुक्र की युति से बनने वाला अर्धकेंद्र योग शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है. कुंडली के अनुसार लग्न स्थान पर शुक्र की उपस्थिति और द्वितीय भाव में शनि का प्रभाव जीवन के कई पहलुओं में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है. इस दौरान आपको विभिन्न क्षेत्रों से लाभ मिलने के संकेत हैं. मन में भावनात्मक गहराई बढ़ेगी और आत्मचिंतन की प्रवृत्ति मजबूत होगी. आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ सकती है, जिससे धार्मिक गतिविधियों और पूजा-पाठ की ओर आकर्षण रहेगा. संभव है कि आप किसी पवित्र स्थल की यात्रा का भी मन बना लें.
मीन: शनि और शुक्र के बनने वाले अर्धकेंद्र योग का प्रभाव इस राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ संकेत लेकर आ रहा है. कुंडली में शनि का लग्न स्थान में और शुक्र का लाभ भाव में विराजमान होना भाग्य को मजबूत करने वाला माना जा रहा है. ऐसे में जीवन के कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. भाग्य का सहयोग मिलने से लंबे समय से अटके कार्य गति पकड़ सकते हैं और कोई पुरानी मनोकामना पूरी होने के प्रबल संकेत हैं. पारिवारिक जीवन में भी सुखद वातावरण रहेगा और अपनों के साथ बिताया गया समय मानसिक संतोष देगा. आर्थिक दृष्टि से यह समय विशेष रूप से अनुकूल है. अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं. निवेश, पैतृक संपत्ति या जोखिम से जुड़े क्षेत्रों से अच्छा मुनाफा हो सकता है.
















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