मारवाड़ी गुजराती विवाद खत्म करने की पहल , आम्ही गिरगांवकर के साथ प्रेस के सामने खुल्ला मन से चर्चा ।
देश में पहली बार जो काम किसी ने नहीं किया, वो काम संत नीलेश चंद्र और हार्दिक हुंडिया ने किया ।
जन कल्याण पार्टी का ऐतिहासिक कदम
मुंबई में अभी अभी मराठी विरुद्ध गुजराती , मारवाड़ी मुद्दा बहुत विकराल स्वरूप ले रहा है । ये भाई भाई की बीच कौन लड़ा रहा है , ये लड़ाई कैसे मिटे ? कैसे सुलह हो और कैसे प्यार का माहौल बना रहे है ये सभी विषयों पर चर्चा करने जन कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया के नेतृत्व में जैन मुनि निलेश चंद्र विजय की महाराजा की निश्रा में एक प्रेस कॉन्फ़्रेश का आयोजन मुंबई में प्रेस क्लब के किया गया । जिस में आम्ही गिरगांवकर के कुछ पदाधिकारीओ को बुलाया गया था और प्रेस के सामने मराठी वर्षिस मारवाड़ी की खुल्ली चर्चा हुई । दोनों पक्षों ने अपने अपने मत रखे । निलेश चंद्र जी ने बताया कि कुछ जैन संत और बिल्डर ने मिलके ख़ुद की स्वार्थ की राजनीति के लिए भाई भाई के बीच दुराग्रह पैदा कर दिया है । महाराष्ट्र के मंत्री और नय पद्म सागर का नाम खुल के सामने आया । दोनों पक्षों में नय पद्म सागर के कार्यो को टीका की । हार्दिक हुंडिया ने कहा कि जैन धर्म के नाम मंदिर बने , उपाश्रय बने , ना की जैन जिमखाना ? आम्ही गिरगांवकर ने जो जैन जिमखाना का विरुद्ध किया है हम ये मुद्दे पर आम्ही गिरगवाकर के साथ है । निलेश मुनि ने कहा महाराष्ट्र में रहना होगा तो महाराष्ट्र भाषा का सम्मान करना होगा । नीलेश मुनि ने कहा की मैं कबूतरो को बचाने के लिए मेरी जान दे दूँगा । आम्ही गिरगावकर और पर प्रांतीय मुद्दे पर प्रेस के सामने दोनों पक्षों ने अपने अपने मत रखे । जन कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री रमेश जैन ने कहा की समाज की एकता के लिए जो काम महाराष्ट्र में किसीने नहीं किया वो काम मुनि नीलेश चंद्रजी और हार्दिक हुंडिया ने किया है । मैं ये दोनों महानुभावो को कोटि कोटि नमन करतो की जिन्होंने ये सोचा की जो विचार भाई भाई के बीच दुरिया बढ़ाता है वो ख़त्म करके नजदीक लाने का काम किया है । हार्दिक हुंडिया ने कहा समाज सुषुप्त अवस्था में है । हमे धर्म के नाम ख़ुद के स्वार्थ के लिये समाज में भाई भाई के बीच लड़ाई कराने वाले , धर्म के नाम धंधा करने वाले संत नहीं चाहिये हमे समाजको जोड़ने वाले राष्ट्रीय संत निलेश चंद्र मुनि जैसे संतों चाहिये । आम्ही गिरगावांकर और पर प्रांतीयो को साथ कई मुद्दों पर अनबन थी जो नीलेश चंद्रजी ने सुलझाने की कोशिश की । नीलेश चंद्र ने कहा की हमे विवाद ख़त्म करना है । आम्ही गिरगवाकर के पदाधिकारी ने जन कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया को मराठी और परप्रांतीय को बीच सुलह के ये प्रयास को सराहा । राष्ट्रीय संत नीलेश मुनि ने आम्ही गिरगावकर के सभी सवालो का जवाब दिया और मतभेद ना रहे वो प्रयास किया । हार्दिक हुंडिया ने कहा की भाई भाई के बीच मतभेद होता है लेकिन वो मतभेद कैसे मिटा के सुलह की जाये वो हमारा प्रयास है । मुंबई प्रेस क्लब में पत्रकारो की भारी संख्या में मुनि नीलेश चंद्र विजय जी , आम्ही गिरगांवकर और हार्दिक हुंडिया ने विचार रखे । शुरू में आम्ही गिरगांवकर के पदाधिकारीओ का खेस पहनाके सम्मान किया गया ।

















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