लोकेशन :इंदौर
भावेश नाहर
खजराना में मासूम की हत्या करने वाला कलयुगी पिता उम्रकैद की सज़ा से दंडित
खजराना पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना से बालिका को मिला न्याय
इंदौर | 22 जनवरी 2026
इंदौर के थाना खजराना क्षेत्र में सामने आए मासूम बालिका की निर्मम हत्या के सनसनीखेज प्रकरण में माननीय न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला समाज को झकझोर देने वाले इस जघन्य अपराध में न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है।
यह दिल दहला देने वाली घटना 29 अगस्त 2024 की रात की है, जब आरोपी कालू उर्फ शेरू खान ने अपनी ही मासूम पुत्री को गोद में लेकर पानी से भरे हौज (होदी) में डुबाकर उसकी हत्या कर दी थी। अगले दिन 30 अगस्त को बालिका का शव खजराना गणेश मंदिर के पीछे स्थित पुरानी पार्किंग के पास पानी की होदी में मिला था।
घटना की सूचना पर थाना खजराना में मर्ग क्रमांक 62/2024 धारा 194 बीएनएस दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को ठोस साक्ष्य मिले कि बालिका की हत्या उसी के पिता ने की थी। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 702/24 धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
वैज्ञानिक साक्ष्य और सशक्त विवेचना बनी सज़ा की आधारशिला
पुलिस द्वारा घटनास्थल से भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गांव की गवाही के आधार पर विवेचना को मजबूत बनाया गया। पुलिस ने तेज़ी से अनुसंधान पूर्ण कर अभियुक्त के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा इसे प्राथमिकता में लेते हुए सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। उनके निर्देशन में डीसीपी ज़ोन–2 श्री कुमार प्रतीक एवं अति. पुलिस उपायुक्त ज़ोन–2 श्री अमरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में निरंतर मॉनिटरिंग की गई।
न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान भी पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष और साक्षियों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें सुरक्षा और न्याय का भरोसा दिया गया।
22 जनवरी 2026 को आया न्याय का फैसला
माननीय न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आरोपी कालू उर्फ शेरू को आजीवन कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया।
आरोपी का नाम:
कालू उर्फ शेरू पिता इस्माइल खान
निवासी – खजराना गणेश मंदिर के पीछे, पुराना पार्किंग स्टैंड, इंदौर (म.प्र.)
इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस जघन्य अपराध को न्याय तक पहुँचाने में
निरीक्षक मनोज सिंह सेंधव, उप निरीक्षक संदीप पटेल, सहायक उप निरीक्षक गणेश मुजाल्दे, प्रधान आरक्षक अजित यादव, आरक्षक उत्तम, शुभम सिंह, राजेंद्र किराड़े एवं प्रदीप सूर्यवंशी की भूमिका सराहनीय रही।







