मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के भटीगवां खुर्द गांव की ग्रामीण महिलाएं आज सफलता और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। कोई महिला खेतों के ऊपर ड्रोन उड़ाकर उर्वरक व कीटनाशकों का छिड़काव कर रही है, तो कोई ई-रिक्शा और रीपर मशीन चलाकर अच्छी-खासी कमाई कर रही है।
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के साधनों का जायजा लेने जब कलेक्टर पार्थ जायसवाल खुद भटीगवां खुर्द गांव पहुंचे, तो वे भी इन ‘किसान दीदियों’ का हुनर और लगन देखकर बेहद प्रभावित हुए।
🌾 इंदौर से ट्रेनिंग लेकर बनीं ‘ड्रोन दीदी’, फसलों पर कर रही हैं कीटनाशक का छिड़काव
भटीगवां खुर्द की किसान दीदी शकुंतला ने कलेक्टर के सामने अपनी ‘ड्रोन दीदी’ बनने की पूरी यात्रा साझा की:
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इंदौर से ली ट्रेनिंग: शकुंतला ने बताया कि उन्होंने इंदौर जाकर ड्रोन उड़ाने की पेशेवर ट्रेनिंग प्राप्त की है।
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कमाई का मुख्य जरिया: अब वे अपने गांव और आसपास के इलाकों में खेतों में फसलों पर कीटनाशक और खाद का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से कर रही हैं। इससे किसानों का समय और पैसा बच रहा है और शकुंतला को भी अच्छी आय हो रही है।
कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने शकुंतला द्वारा खेतों में किए गए लाइव ड्रोन स्प्रे प्रदर्शन को देखा और इस आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाने के लिए महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
🛺 ई-रिक्शा और रीपर मशीन चलाकर हर दिन कमा रही हैं अच्छा मुनाफा
ड्रोन के अलावा गांव की अन्य महिलाएं भी नई तकनीकों और वाहनों को अपनी आजीविका का जरिया बना चुकी हैं:
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ई-ऑटो रिक्शा से कमाई: गांव की गौरी सिंह ई-ऑटो रिक्शा चलाकर प्रतिदिन लगभग ₹500 तक की कमाई कर रही हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण मजबूती से कर रही हैं।
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रीपर मशीन से फसल कटाई: वहीं चंद्रवती सिंह फसल कटाई के लिए रीपर मशीन का संचालन करती हैं। वे अपने खेतों के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी किसानों को रीपर मशीन की सेवाएं देकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं।
💡 “दूसरी महिलाओं को भी जोड़ें और रोजगार के नए अवसर बनाएं”—कलेक्टर पार्थ जायसवाल
किसान दीदियों की इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कि महिलाएं खुद आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी इन आयमूलक गतिविधियों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कौशल, जज्बे और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को असली मजबूती दी जा सकती है।
🐐 ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए ‘बकरी पालन योजना’ को प्रोत्साहन
कलेक्टर ने गांव में आजीविका के साधनों का और अधिक विस्तार करने के उद्देश्य से बकरी पालन गतिविधि को बढ़ावा देने के निर्देश अधिकारियों को दिए:
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इसके तहत प्रथम चरण में जनपद पंचायत के माध्यम से 10 चयनित पात्र हितग्राही महिलाओं के लिए बकरी पालन शेड (Goat Shed) स्वीकृत किए जाएंगे।
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आगे पात्रता और आवश्यकता के अनुसार इस योजना का दायरा बढ़ाकर गांव की अन्य महिलाओं को भी इसका सीधा लाभ पहुंचाया जाएगा।




