पुलिस मुख्यालय, मध्य प्रदेश के निर्देशानुसार तथा डीआईजी विनीत कपूर के मार्गदर्शन में सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्य प्रदेश पुलिस विभाग की संयुक्त पहल पर शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आगर-मालवा में आयोजित “जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद” कार्यक्रम का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस गरिमामयी समापन अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार बोयट, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. पी. चतुर्वेदी, थाना प्रभारी कोतवाली आगर निरीक्षक नागेश यादव, यातायात प्रभारी निरीक्षक सौरभ सिंह चौहान, सूबेदार जितेन्द्र शुक्ला, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




🤝 एएसपी रविंद्र कुमार बोयट ने बताया सामुदायिक पुलिसिंग का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार बोयट ने सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा, उसके मुख्य उद्देश्यों और समाज में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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बेहतर समन्वय: उन्होंने बताया कि पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल, संवाद और आपसी विश्वास कायम करना ही सामुदायिक पुलिसिंग का मुख्य ध्येय है।
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युवाओं की भूमिका: जागरूक और जिम्मेदार युवा ही समाज में सुरक्षा, कानून के प्रति सम्मान और सकारात्मक बदलाव के सबसे बड़े संवाहक बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पुलिस के साथ सहयोगात्मक रवैया रखें और अपने आसपास की असामाजिक गतिविधियों के प्रति हमेशा सजग रहें।



👮♂️ पुलिस अधिकारियों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन
समारोह के दौरान विभिन्न पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारियां दीं:
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कानून व्यवस्था एवं पुलिस कार्यप्रणाली: थाना प्रभारी कोतवाली आगर निरीक्षक नागेश यादव ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की कार्यशैली, अपराध नियंत्रण और नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के बारे में समझाया।
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यादतायात सुरक्षा एवं नियम: यातायात प्रभारी निरीक्षक सौरभ सिंह चौहान ने सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व से अवगत कराया।
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आपदा प्रबंधन: सूबेदार जितेन्द्र शुक्ला ने विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, आपातकाल के समय बरती जाने वाली सावधानियों और संकट में तुरंत सहायता प्राप्त करने के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया।


📜 विद्यार्थियों और पुलिस कर्मियों को दिए गए प्रशस्ति पत्र
समारोह के अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार बोयट द्वारा इस सेमिनार और अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों और पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे यहां से सीखे गए ज्ञान को अपने दैनिक जीवन में उतारें और समाज में सुरक्षा व जागरूकता का संदेश फैलाएं।
कार्यक्रम के दौरान आभार प्रदर्शन डॉ. हंसराज द्वारा किया गया तथा मंच का कुशल संचालन प्रोफेसर अजय राठौर ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. पी. चतुर्वेदी और सभी प्राध्यापकों का इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा। इस अनूठी पहल ने पुलिस और युवाओं के बीच आपसी विश्वास और संवाद के रिश्ते को और अधिक मजबूत किया है।






