सैलाना। बाजना अंचल के राजापुरा गांव में जननायक टंट्या भील की प्रतिमा स्थापना को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। ग्रामसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के बावजूद सैलाना एसडीएम द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने से नाराज विधायक कमलेश्वर डोडियार ने देर रात गांव पहुंचकर स्वयं प्रतिमा स्थापित करवा दी।
अन्य विभागों की अनुमति लेने की बात कही
जानकारी के अनुसार राजापुरा गांव के ग्रामीण ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर जननायक टंट्या भील की प्रतिमा स्थापित करने की सूचना देने सैलाना एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास ग्रामसभा का विधिवत प्रस्ताव और एनओसी था। इसके बावजूद एसडीएम ने ग्रामसभा की कार्यवाही को अवैध बताया और पुरातत्व विभाग सहित अन्य विभागों की अनुमति लेने की बात कही।
पुलिस कार्रवाई के नाम पर डराने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर प्रतिमा स्थापना को लेकर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी गई। मामले की जानकारी सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार को लगी। विधायक डोडियार देर रात करीब ढाई बजे राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा से जननायक टंट्या भील की प्रतिमा लेकर राजापुरा गांव पहुंचे और ग्रामीणों की मौजूदगी में प्रतिमा स्थापित करवाई।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। डोडियार ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून का एक-एक अक्षर लागू किया जाएगा।
25 जनवरी को होगा प्रतिमा का अनावरण
विधायक ने बताया कि 25 जनवरी को जननायक टंट्या भील की प्रतिमा का विधिवत अनावरण व जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रतिमा स्थापना के दौरान विधायक के साथ जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कविता भगोरा, आदिवासी छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष ध्यानवीर डामोर, जयस भील एकता मिशन के प्रदेश सचिव मांगू सिंह सिंगाड सहित कनीराम सिंगाड़, भुरजी, भानजी और अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
















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