भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग की पढ़ाई अब पहले से कहीं ज्यादा सस्ती हो गई है। वर्षों से चली आ रही महंगी फीस की शिकायतों पर अब विराम लग गया है। प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए नर्सिंग कॉलेजों की फीस में 20 से 25 प्रतिशत तक कटौती कर दी है।
प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की ओर से फीस बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन विनियामक आयोग ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद बीएससी, पीबी और एमएससी नर्सिंग की चार साल से अटकी फीस तय कर दी गई है। अब जहां पहले बीएससी नर्सिंग के लिए सालाना 80 हजार रुपए तक फीस ली जा रही थी, वहीं अब यह घटकर 53,300 रुपए रह गई है।
बैलेंस शीट बनी कटौती की वजह
सुनवाई के दौरान कॉलेज संचालकों ने पुरानी फीस का हवाला दिया, लेकिन समिति ने 2019 की बैलेंस शीट मांगी। अधिकांश कॉलेज यह दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए और 2022 की बैलेंस शीट दी, जिसमें खर्च अपेक्षाकृत कम पाया गया। इसी आधार पर फीस घटाने का निर्णय लिया गया।
छात्रों को मिलेंगे सीधे फायदे
फीस तय होने से स्कॉलरशिप तुरंत जारी हो सकेगी
कोरोना काल में प्रवेश लेने वाले छात्रों से अधिक वसूली नहीं होगी
पहले ली गई अतिरिक्त फीस का समायोजन किया जाएगा
कुल मिलाकर छात्रों को 22 हजार रुपए तक की राहत
नर्सिंग कोर्स की नई सालाना फीस
पीबी नर्सिंग: ₹41,000 से ₹54,000
बीएससी नर्सिंग: ₹53,300 से ₹70,000
एमएससी नर्सिंग: ₹94,000 से ₹1,25,000
इन कॉलेजों की फीस अभी तय नहीं
प्रदेश के 72 नर्सिंग कॉलेजों में से 24 कॉलेजों की फीस तय हो चुकी है, जबकि 40 कॉलेज ऐसे हैं जो अभी संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता नहीं ले पाए हैं। इसी वजह से उनकी सत्र 2025-26 की फीस फिलहाल लंबित रखी गई है।
फैक्ट फाइल
लंबित सत्र: 2019-20 से 2022-23
पहले मांग: ₹75,000–₹80,000 सालाना
अब तय फीस: ₹53,000–₹55,000
अधिकतम कटौती: ₹22,000 तक
मध्यप्रदेश में नर्सिंग की पढ़ाई को लेकर यह फैसला न केवल छात्रों के लिए राहत भरा है, बल्कि शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।
















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