मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से मानवता और चिकित्सा नैतिकता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। थांदला स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गवरा गांव के सरपंच पति तानसिंह भूरिया (55) की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रीढ़ की हड्डी में कैंसर के ऑपरेशन के नाम पर बिना जानकारी और सहमति के मरीज के दोनों अंडकोष निकाल दिए गए।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार दोपहर 1 बजे से शाम 7:30 बजे तक अस्पताल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब साढ़े छह घंटे चले इस हंगामे के बाद प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ।
डेढ़ साल से चल रहा था इलाज
मृतक तानसिंह भूरिया पिछले डेढ़ साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार, बड़ौदा के डॉक्टर अंकित शाह ने उनकी रीढ़ की हड्डी में कैंसर की पुष्टि की थी। इसके बाद ऑपरेशन के लिए उन्हें थांदला के के.के. शाह अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने केवल रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन की जानकारी दी थी। शरीर के अन्य किसी हिस्से की सर्जरी को लेकर कोई सहमति नहीं ली गई। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गया।
दूसरे अस्पताल में हुआ खुलासा
जब मरीज को अन्य अस्पतालों में जांच के लिए ले जाया गया, तब डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर में अंडकोष मौजूद नहीं हैं। यहीं से परिजनों को ऑपरेशन पर गंभीर संदेह हुआ और उन्होंने अस्पताल पर लापरवाही व अनैतिक इलाज का आरोप लगाया।
कर्ज लेकर कराया था इलाज
परिजनों ने बताया कि इलाज के लिए उन्होंने कर्ज लेकर बड़ी रकम जुटाई थी, लेकिन इसके बावजूद मरीज की जान नहीं बच सकी। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने दोषी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जांच के आदेश
एसडीओपी नीरज नामदेव ने बताया कि मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल डॉक्टर या अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
















Users Today : 1
Total Users : 16555
Views Today : 1
Total views : 29496
Who's Online : 0
Server Time : April 27, 2026 7:14 am