खैरागढ़:छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान सामने आई एक गंभीर प्रशासनिक चूक ने न सिर्फ चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजपरिवार से जुड़ा वर्षों पुराना विवाद भी एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मामला दिवंगत विधायक व सांसद राजा देवव्रत सिंह की वैवाहिक स्थिति से जुड़ा है, जिसे लेकर मतदाता सूची में हुई गलती ने संवेदनशील मोड़ ले लिया है।
उदयपुर क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 177 की मतदाता सूची में राजा देवव्रत सिंह के नाम के साथ वैवाहिक जानकारी को लेकर विवाद सामने आया है। रानी विभा सिंह का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उनके पति की पूर्व पत्नी पद्मा सिंह जिनसे तलाक हो चुका है और जो वर्तमान में नितिन पंत की पत्नी हैं उन्हें फिर से राजा देवव्रत सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज कर दिया गया।
जबकि तलाक के बाद राजा देवव्रत सिंह का विवाह रानी विभा सिंह से हुआ था। कागजों में एक व्यक्ति के साथ दो पत्नियों जैसी स्थिति बनने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। राजा देवव्रत सिंह के निधन के बाद से ही संपत्ति, अधिकार और दस्तावेजों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चलता आ रहा है, जो कई बार सार्वजनिक और प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है।
अब मतदाता सूची की इस चूक ने पुराने विवाद को नया तूल दे दिया है। रानी विभा सिंह का कहना है कि यह सिर्फ नाम की गलती नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और रिकॉर्ड में तत्काल सुधार की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद तहसीलदार छुईखदान ने नोटिस जारी कर 14 जनवरी 2026 को दोनों पक्षों को दस्तावेजों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रकरण केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक दस्तावेज की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
















Users Today : 3
Total Users : 15226
Views Today : 3
Total views : 27914
Who's Online : 0
Server Time : February 25, 2026 5:10 am