हड़ताल से पूरे प्रदेश में पड़ेगा विपरीत असर
🚚इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने 6 अक्टूबर से माल की बुकिंग पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है।
🚚 इससे शहर के करीब 500 ट्रांसपोर्ट ऑफिस और गोदामों से न तो बुकिंग होगी और न ही माल की डिलीवरी। इसका सीधा असर बाजारों में माल की आपूर्ति पर पड़ सकता है।
🚚 ट्रांसपोर्टरों ने शहर में सख्त नो एंट्री नियमों के खिलाफ यह कदम उठाया है।
🚚पार्सल ट्रांसपोर्ट और फ्लीट मालिकों के संघ ने घोषणा की है कि सोमवार से लोहा मंडी समेत अन्य इलाकों में उनके कार्यालयों और गोदामों में माल की बुकिंग बंद रहेगी। संघ के अध्यक्ष राकेश तिवारी के अनुसार, प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए नो-एंट्री नियमों का असर लगातार कारोबार पर पड़ रहा है।
🚚नया नो एंट्री नियम
🛻प्रशासन ने सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। अनुरोध पर ट्रकों को केवल दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लोहा मंडी क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति है। पहले यह समय सीमा दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक और रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक थी। कम समय का बुकिंग और आपूर्ति पर बुरा असर पड़ रहा है।
🛻सप्लाई पर असर
🚚इंदौर से रोज़ाना लगभग 1500 ट्रक माल भरकर निकलते हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों के कई शहरों तक पहुँचता है। इसी तरह, रोज़ाना इतने ही ट्रक इंदौर माल लेकर आते हैं। स्थानीय बाज़ारों में माल की आपूर्ति और निकासी, दोनों ही ट्रांसपोर्टरों के ज़रिए होती है। ऐसे में बुकिंग बंद होने से न सिर्फ़ बाज़ार में माल की आपूर्ति बाधित होगी, बल्कि माल की बिक्री पर भी सीधा असर पड़ेगा।















