इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, 99 मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच नगर निगम के कर्मचारियों ने आज इलाके में नर्मदा पाइप लाइन के वाल्व खोले हैं। आज इलाके में नर्मदा जल सप्लाई का ट्रायल किया जा रहा है। रहवासियों से अपील की गई है कि वे इस पानी का उपयोग न करें।
जानकारी के मुताबिक आज इलाके में पाइप लाइन में फैले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए ज्यादा मात्रा में क्लोरीन मिलने पानी की सप्लाई की जाएगी। इसके जरिए इन लाइनों को साफ किया जाना है। इलाके में अभी टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही थी।
भागीरथपुरा में ड्रेनेज लाइन से लीकेज हुआ दूषित पानी नर्मदा जल की लाइन में मिलने से संक्रमण फैला था। जिसके बाद से अभी तक यहां 3200 से अधिक मरीज सामने आए हैं। वर्तमान में 16 गंभीर मरीजों का अस्पतालों के आईसीयू में इलाज चल रहा है। इलाके के लोग पानी को लेकर इतने डरे हुए है कि घर में आरओ लगवा रहे हैं, इसके साथ ही पीने के लिए कैन लेकर आ रहे हैं।
इलाके में पानी की लाइन के साथ ही बोरवेल से आने वाले पानी में दूषित मिला था, जिसके बाद से क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं। नगर निगम ने टैंकरों से सप्लाई होने वाले पानी को भी 15 मिनट उबालकर छानने के बाद उपयोग करने की सलाह दी थी। इसके लिए क्षेत्र में नगर निगम के वाहनों द्वारा अनाउंसमेंट भी किया गया।
उल्टी-दस्त और फिर बिगड़ने लगे हालात
इंदौर के भागीरथपुरा में 29 दिसंबर को एक साथ उल्टी-दस्त से पीड़ित करीब 100 मरीज मिलने से हडकंप मच गया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की मौत होने लगी। जांच करने पर पता चला कि नर्मदा लाइन द्वारा सप्लाई हो रहे पानी में मल-मूत्र में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मिले हैं। इसके बाद यह साफ हो गया कि ड्रेनेज लाइन का पानी नर्मदा की लाइन में मिल रहा है।
















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