जबलपुर। मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में विभिन्न फैकल्टी की भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की ओर से दी गई।
ईएसबी के अधिवक्ता राहुल दिवाकर ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पुरुष उम्मीदवारों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है, किंतु लिखित निर्देश की कॉपी अभी नहीं मिली। जबलपुर निवासी याचिकाकर्ता नौशाद अली द्वारा इस भर्ती में महिला अभ्यर्थियों को दिए जा रहे 100 फीसद आरक्षण को चुनौती दी गई है।
उनकी ओर से बताया गया कि आवेदन की अंतिम तिथि सात जनवरी है। ऐसे में कोर्ट ने अगली सुनवाई सात जनवरी को निर्धारित कर सरकार को लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पक्ष रखा।
उनका आरोप है कि 16 दिसंबर को ईएसबी द्वारा जारी ग्रुप-1 सब ग्रुप-2 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के विज्ञापन में 40 एसोसिएट प्रोफेसर, 28 असिस्टेंट प्रोफेसर और 218 सिस्टर ट्यूटर सहित कुल 286 पदों पर महिला उम्मीदवारों को 100 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
इनमें पुरुष उम्मीदवारों को पूरी तरह बाहर किया जाना न सिर्फ भर्ती नियम तथा इंडियन नेशनल काउंसिल के मापदंडों का उल्लंघन है। बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 और सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी मामले के 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा का भी उल्लंघन है। विज्ञापन के अनुसार, आवेदन 24 दिसंबर से आमंत्रित किए गए थे। सात जनवरी, 2026 इसकी अंतिम तिथि है।
















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