हाईकोर्ट ने खारिज की शातिर जमीन दलाल अल्ताफ की जमानत याचिका
लव जिहाद और दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद है अल्ताफ
आगर मालवा। विवाहिता से दुष्कर्म, लव जिहाद, धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने तथा एससी-एसटी एक्ट के गंभीर आरोपों में जेल में बंद शातिर जमीन दलाल अल्ताफ खां को अब लंबे समय तक जेल में रहना होगा। इंदौर हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
27 अगस्त से आगर जेल में बंद अल्ताफ लगातार जमानत के प्रयास कर रहा था, लेकिन उसके सभी हथकंडे नाकाम हो गए। अदालत के आदेश के बाद यह तय हो गया है कि यह शातिर जमीन दलाल अब जेल की हवा और रोटी लंबे समय तक खाएगा।
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यह है पूरा मामला
10 जुलाई को एक विवाहिता ने अल्ताफ खां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप के अनुसार, महिला एक वर्ष पूर्व नौकरी की तलाश में अल्ताफ के पास गई थी। इसी दौरान अल्ताफ ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए कई बार दुष्कर्म किया और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया।
महिला ने बताया कि अल्ताफ उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी देता था। उसने निकाह करने व नमाज पढ़ने के लिए भी दबाव बनाया और लालच दिया कि “मेरी तीसरी पत्नी बन जा, मैं तुझे बंगला बनवा दूंगा।”
पुलिस ने दुष्कर्म, धर्मांतरण, लव जिहाद और हरिजन एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया।
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जमीन घोटालों में भी रहा शामिल
अल्ताफ खान जमीन दलाली का पुराना खिलाड़ी बताया जाता है। उसने सैकड़ों किसानों से जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर करोड़ों की ठगी की है। जनवरी में ग्राम हरनावदा की भूमि में किए गए घोटाले की गूंज भोपाल तक सुनाई दी थी।
आरोप है कि इसने तत्कालीन पटवारी से मिलीभगत कर किसानों की जमीनें फर्जी दस्तावेजों से बेच दीं और सिर्फ तीन दिनों में करोड़ों रुपए कमाए। इस मामले की जांच भी जारी है।
कई पीड़ित किसानों ने थाना, एसपी, आईजी से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की है। अल्ताफ ने इंदौर, उज्जैन, आगर और मुंबई के बड़े निवेशकों को भी “बेहतर जमीन दिलाने” के नाम पर चूना लगाया है।
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जमानत के लिए गुर्गों ने लगाए जोर
अल्ताफ के गुर्गे उसे जेल से छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे। पीड़िता और उसके परिवार को पैसे का लालच व धमकी तक दी गई। पीड़िता ने 4 सितंबर को कोतवाली में इसकी शिकायत आबिद, अय्या पिता समीम, और मोहन सिंह के खिलाफ की थी।
इसके बाद भी धमकियां जारी रहीं। 8 अक्टूबर को भी पीड़िता ने अल्ताफ के परिजनों द्वारा धमकी और समझौते के लिए दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की निष्क्रियता पर अब सवाल उठ रहे हैं।
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- हाईकोर्ट ने लगाई रोक, याचिका खारिज

हाई कोर्ट का आदेश पेज नंबर 1
9 सितंबर को हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। शासन की ओर से सरकारी वकील और पीड़िता की ओर से अधिवक्ता सतानंद चौबे ने कड़ा विरोध किया।

उन्होंने बताया कि अल्ताफ और उसके लोग लगातार पीड़िता को धमका रहे हैं और समझौते का दबाव बना रहे हैं।
सभी तर्क सुनने के बाद न्यायालय ने अल्ताफ खां की जमानत याचिका खारिज कर दी। अब उसे या तो सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाना होगा या फिर पीड़िता के बयान पूरा होने तक जेल में रहना पड़ेगा।
















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