भोपाल : मध्य प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया एक बार फिर सियासी हथियार बन गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक ट्वीट को भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई ने रिट्वीट कर कड़ा पलटवार किया है। भाजपा का सीधा आरोप है कि पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयान को गलत संदर्भ में पेश कर नकारात्मक राजनीति करने की कोशिश की।
मुद्दा इंदौर
उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया से जुड़ा है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के बयान को शहरों की आपसी दूरी से जोड़कर ऐसा दिखाया, मानो सरकार भौगोलिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही हो। भाजपा का कहना है कि यह या तो अज्ञानता है, या फिर जानबूझकर फैलाया गया भ्रम।
अब सवाल सीधा है – क्या जीतू पटवारी यह नहीं समझते कि Metropolitan Area का अर्थ सिर्फ दो शहरों के बीच की किलोमीटर दूरी नहीं होता? या फिर वे जानते-बूझते तथ्यों को तोड़कर नेगेटिव नैरेटिव गढ़ रहे हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब विपक्ष मुद्दों पर सरकार को घेरने में असफल होता है, तब इस तरह की क्लिपिंग पॉलिटिक्स और अधूरे तथ्य सामने लाए जाते हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का यह रवैया न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि जनता को गुमराह करने वाला भी है।
भाजपा नेताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का स्तर अब इतना गिर गया है कि वे शहरी नियोजन और मेट्रोपॉलिटन विकास जैसे बुनियादी शब्दों का अर्थ समझने को तैयार नहीं, या फिर उनकी राजनीति सिर्फ विरोध के लिए विरोध तक सिमट चुकी है।
क्या कहा गया और क्या सच है?
दावा (जीतू पटवारी के ट्वीट से संकेत): मुख्यमंत्री ने इंदौर–उज्जैन की दूरी को गलत तरीके से बहुत कम बताया।
तथ्य: मुख्यमंत्री का बयान इंदौर–उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया की अवधारणा पर था, जिसमें कई शहर और क्षेत्र शामिल होते हैं। यह कोई सीधी सड़क दूरी का बयान नहीं था।
















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