नोएडा में नए साल 2026 का स्वागत बेहद ‘जोरदार’ तरीके से किया गया. 31 दिसंबर की शाम जैसे-जैसे ढली, शहर में जश्न का माहौल गहराता गया और इसके साथ ही जाम छलकने का सिलसिला भी तेज हो गया. आबकारी विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को नोएडा में लोगों ने केवल एक ही रात में करीब 17 करोड़ रुपये की शराब और बीयर गटक ली. यह आंकड़ा पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है, जो यह बताता है कि जश्न मनाने और खर्च करने के मामले में शहर के लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी. शराब की दुकानों पर लगी लंबी कतारों ने प्रशासन की झोली राजस्व से भर दी है.
3 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, राजस्व में जबरदस्त उछाल
आबकारी विभाग के लिए यह नया साल कमाई के लिहाज से बंपर साबित हुआ है. 31 दिसंबर 2025 को हुई शराब की बिक्री ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. आंकड़ों की तुलना करें तो पिछले साल यानी 2024 की विदाई वाली रात के मुकाबले इस बार राजस्व में सीधे तौर पर 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जहां 2023 की 31 दिसंबर को 11 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 14 करोड़ रुपये हो गया था. लेकिन इस बार 17 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि महंगाई या अन्य किसी भी कारक का असर लोगों के उत्साह पर नहीं पड़ा. मात्रा के हिसाब से देखें तो करीब 4 लाख लीटर मदिरा की खपत शहर में हुई है.
व्हिस्की या बीयर? क्या रहा लोगों की पहली पसंद
बिक्री के आंकड़ों में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है. शहर में सबसे ज्यादा मांग ‘देशी शराब’ की रही. कुल बिक्री में इसका दबदबा कायम रहा और लगभग 1.75 लाख लीटर देशी शराब लोगों ने खरीदी. इसके बाद नंबर आया बीयर और अंग्रेजी शराब (IMFL) का. आमतौर पर माना जाता है कि सर्दियों में बीयर की खपत कम होती है, लेकिन नोएडा के लोगों ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया. बीयर की बिक्री में सालाना आधार पर सबसे तेज वृद्धि देखी गई. 31 दिसंबर को करीब 1.2 लाख लीटर बीयर बिकी, जो पिछले साल (82,000 लीटर) के मुकाबले काफी ज्यादा है. वहीं, भारत में बनी विदेशी शराब (IMFL) की बिक्री भी 1.2 लाख लीटर के आसपास रही.
छूट का लोगों ने उठाया फायदा
इतनी भारी मात्रा में हुई बिक्री के पीछे सिर्फ लोगों का उत्साह ही नहीं, बल्कि प्रशासन द्वारा दी गई ढील भी एक बड़ी वजह रही. उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के अनुसार, नए साल के जश्न को देखते हुए शराब की दुकानों के खुलने का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया था. इस एक घंटे की अतिरिक्त मोहलत ने बिक्री के आंकड़ों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार के अनुसार, बिक्री में यह उछाल केवल 31 दिसंबर को ही नहीं, बल्कि क्रिसमस के समय से ही देखा जा रहा था. 25 दिसंबर को भी शहर में लगभग 14 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी.
















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