ग्वालियर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ग्वालियर (Amit Shah in Gwalior) में आयोजित ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट-2025’ में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने दो लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए मध्य प्रदेश की आर्थिक प्रगति की नई रूपरेखा प्रस्तुत की।
अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान मध्य प्रदेश की क्षमता और भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं, जिन्हें प्रमुख बिंदुओं में नीचे देखा जा सकता है…
अमित शाह के संबोधन की प्रमुख बातें:
निवेश पर टिप्पणी: “मध्य प्रदेश की भौगोलिक लोकेशन और संसाधन इतने आकर्षक हैं कि यहां निवेश करना ‘रुपया बोकर करोड़ों कमाने’ जैसा है। यह भूमि निवेश के लिए अत्यंत उपजाऊ है।”
रीजनल समिट की सराहना: “राजधानी के बजाय अलग-अलग अंचलों में ‘रीजनल इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव’ करना एक क्रांतिकारी पहल है। इससे राज्य का संतुलित विकास होगा और यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनेगा।”
अटल जी को नमन: “मेरा सौभाग्य है कि मैं उस मिट्टी पर हूँ जिसने ‘बाल अटल’ को निखारकर श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी बनाया। उन्होंने स्वराज को सुशासन में बदलने का मार्ग दिखाया।”
बीमारू टैग से मुक्ति: “एक दौर में विपक्षी शासन में मप्र ‘बीमारू’ राज्य था। शिवराज जी के प्रयासों ने यह टैग हटाया और अब डॉ. मोहन यादव की ऊर्जा इसे ‘विकसित राज्य’ बनाने की ओर ले जा रही है।”
कृषि में नेतृत्व: “मप्र ने सिंचाई में 17% की वृद्धि की है और सात बार कृषि कर्मण अवार्ड जीतकर पंजाब व हरियाणा जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।”
संतुलित विकास का नया मॉडल
अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘वाइब्रेंट गुजरात’ मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश ने निवेश के विकेंद्रीकरण की वैज्ञानिक शुरुआत की है। क्षेत्रीय स्तर पर हो रहे इन सम्मेलनों से न केवल बड़े उद्योगों बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ होगा, जिससे क्षेत्रीय विषमताएं खत्म होंगी।
















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